बहरागोड़ा: बहरागोड़ा बाजार में स्थित देववाटिका में मंगलवार को प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया. जिसमें झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो शामिल थे. राज्यपाल संतोष गंगवार का स्वागत भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेशानंद गोस्वामी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया. समारोह का विधिवत उद्घाटन राज्यपाल तथा सांसद विद्युत वरण महतो ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों के शिक्षक एवं कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे. जिनमें चंडीचरण साव, बाप्तु साव,रंजीत बाला,सुमन मंडल,विप्लव दे,गौरव पुष्टि,गौरीशंकर महतो,श्रीबत्स घोष समेत अन्य विशिष्ट अतिथि और स्थानीय नागरिक शामिल थे. कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और व्यक्तित्वों को प्रशस्ति पत्र तथा लैपटॉप बैग देकर सम्मानित किया तथा उनके उज्वल भविष्य की कामना की. राज्यपाल ने प्रखंड क्षेत्र के 32 स्कूलों के 120 टॉप 3 विद्यार्थियों को सम्मानित किया. राज्यपाल संतोष गंगवार ने विद्यार्थियों के साथ बैठकर दोपहर का भोजन ग्रहण किए. आयोजकों ने बताया कि यह कार्यक्रम हर वर्ष आयोजित किया जाएगा ताकि क्षेत्र के विद्यार्थियों एवं युवाओं को प्रोत्साहन मिल सके.(नीचे भी पढ़े)

इस अवसर पर डॉक्टर दिनेशानंद गोस्वामी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए महामहिम की दो विशेष बातों पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा के लिए बहरागोड़ा एक केंद्र बने. बहरागोड़ा में विश्वविद्यालय बने. जबतक बहरागोड़ा में विश्वविद्यालय नहीं बन जाती है तब तक बहरागोड़ा महाविद्यालय में सभी भाषा की हायर एजुकेशन की पढ़ाई हो. महाविद्यालय में पीजी के सभी विषयों पर पढाई शुरू हो. कोल्हान में सबसे अधिक बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र में सबसे ज्यादा 29 हाई स्कूल हैं. विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में शिक्षकों का कमी न हो. बहरागोड़ा कृषि प्रधान क्षेत्र है. बहरागोड़ा में कृषि अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जाए ताकि क्षेत्र के किसानों की खेतों की मिट्टी सुचारू रूप से जांच कर फूलों की खेती, सब्जी की खेती, मछली पालन,गाय पालन अच्छे से अच्छे हो सके तथा किसान खेती कर लाभान्वित बने.(नीचे भी पढ़े)

विशिष्ट अतिथि सांसद विद्युत वरण महतो ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मेहनत का फल ही सही लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करता है. इसलिए विद्यार्थियों का इच्छाशक्ति उच्च होनी चाहिए. जिससे परिवार के साथ-साथ समाज का उत्थान होता है. साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा ग्रहण के लिए अर्थ कभी बाधा नहीं डालता है. इसके लिए केवल इच्छाशक्ति और मन में लगन होना चाहिए.(नीचे भी पढ़े)
मुख्य अतिथि राज्यपाल संतोष गंगवार ने विद्यार्थियों को संबंध करते हुए कहा कि वास्तव में विद्यार्थियों की प्राथमिक शिक्षा अच्छी होनी चाहिए और इसमें अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि विद्यार्थी देश के भविष्य हैं. इस मामले में उन्होंने कहा की डॉक्टर दिनेशानंद गोस्वामी जो इस तरह की कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं वह सराहनीय है. प्रतिभा सम्मान समारोह विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने की लक्ष्य से एक अच्छा प्रयास है. प्रतिभा सम्मान समारोह ये केवल एक पुरस्कार वितरण कार्यक्रम नहीं है बल्कि हमारे समाज की उस जीवन चेतना की उत्सव है जो परिश्रम, अनुशासन और समर्पण के मूल्यों से सिंचित होती है. इस तरह की कार्यक्रम ना कि केवल स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करती है बल्कि आने वाली पीढियों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनता है. किसी भी समाज के आवश्यक पूंजी उसकी युवा प्रतिभाएं होती हैं. जोकि युवा शक्ति राष्ट्र शक्ति मानी जाती है. (नीचे भी पढ़े)
विद्यार्थियों को बाल्यावस्था से ही मातृभूमि से प्रेम होती है और यही हमारी शिक्षा है. शहरी क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी अच्छे शिक्षा ग्रहण करते हैं. ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को सम्मानित किए जाने की पहल की सराहना करते हैं. उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छे इंसान के साथ-साथ अच्छे नागरिक बनने की विद्यार्थियों का कर्तव्य बताया है तथा विद्यार्थियों की उज्जवल भविष्य गढ़ने की बधाई व शुभकामनाएं दी. यह अवसर केवल शहरों तक सीमित नहीं है बल्कि गांव और कस्बे भी समान रूप से विकास के केंद्र हैं. उन्होंने सभी विद्यार्थियों को आह्वान करते हुए कहा कि ऊर्जा और संकल्प को बनाए रखें अपने लक्ष्य से कभी ना भटके और देश हित को सर्वोपरि रखें.











