चाकुलिया : चाकुलिया प्रखंड के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय परिसर में गुरूवार को डालसा के पदाधिकारियों ने शिविर आयोजित कर छात्राओं को मौलिक अधिकार के प्रति जागरूक किया. मौके पर प्रधान न्यायाधीश अरविंद पांडेय ने कानून की जानकारी देते हुए कहा कि बाल श्रम से संबंधित जानकारी देते हुए कहा कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से मजदूरी करते है तो अपराध है. आस पास कही भी बाल मजदूर काम करते देखें तो इसकी सूचना प्रशासन को दे और इसके प्रति लोगों को जानकारी देकर लोगों को जागरूक करें. पॉक्सो एक्ट के बारे में कहा कि कोई अगर अपसे जबरदस्ती योन उत्पीड़न करता है तो इसकी सूचना प्रशासन और अपने अभिभावकों को इसकी सूचना दे और कानून का सहारा ले. सभी बच्चें नशा से दूर रहे. डायन प्रथा के बारे में कहा कि डायन होता ही नहीं है हम अपने स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए सामने रखते हैं अगर ऐसी कुप्रथा गांव में फैलाया जाता है वह भी एक अपराध है. (नीचे भी पढ़ें)

पदाधिकारियों ने बाल विवाह के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देकर छात्राओं को जागरूक किया. मौके पर कहा कि छात्राओं को विधिक सेवा प्राधिकार प्राप्त करना सभी का मौलिक अधिकार है. पदाधिकारियों ने मौलिक और और अधिकार क्या है इसकी जानकारी दी. अवसर पर सचिव सौरभ त्रीपाठी, अनुभव कुमार, विदेश सिंहा ने भी छात्राओं को कानून से संबंधित अधिकारों की जानकारी दी. इस अवसर पर बीएलभी के सभी सदस्य, विद्यालय की वार्डेन मालती लागुरी, सुमित्रा मांडी, अभय कुमार समेत सभी शिक्षक उपस्थित थे.








