जादूगोड़ा : जादूगोड़ा के व्यापारियों ने गुरुवार को यूसिल के खिलाफ सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया. व्यापारी यूसिल के 70 साल का सफर पूरा कर लेने के बाद भी जादूगोड़ा मुख्य सड़क पर आज तक एक अदद स्ट्रीट लाइट तक नहीं लग पाने समेत अन्य जन समस्याओं को लेकर आक्रोशित हैं. उनका कहना है कि यूसिल का अस्पताल भी बिना दवा का अस्पताल बन गया है. ग्रामीण चिकित्सा सुविधा के तहत आस-पास के ग्रामीणों को मिल रही मेडिकल सुविधा वर्षों से ठप्प पड़ी है. क्षेत्र में करोड़ों खर्च होने के बाद भी कंपनी से सटे गांव में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। लोगों को निकलने के लिए टूटू सड़के है। यूसिल अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर तक नहीं। क्षेत्र की एक मात्र मुक्ति धाम में गंदगी का ढेर है,यूसिल सफाई तक नहीं कराती, जिससे क्षेत्र में महामारी फैलने का अंदेसा बना रहता है. कंपनी की ओर से चौक-चौराहों पर शौचालय तक नहीं है जिससे राहगीरों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है. (नीचे भी पढ़ें)
इस अवसर पर ग्रामीणों का कहना है कि यूसिल प्रबंधन के द्वारा जादूगोड़ा क्षेत्र में पीने का शुद्ध पानी ,साफ सफाई की व्यवस्था को लेकर कई बार यूसिल प्रबंधन से मांग भी की गई, लेकिन इसके बाद भी प्रबंधन ने उस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि वे जल्द ही इसको लेकर बृहत् आंदोलन चलाएंगे. इस विरोध-प्रदर्शन में डॉ सुशील अग्रवाल, विक्रम सिंह, बबलू गुप्ता, धर्मेंद्र भगत,शांतनु हालदार, निमाई दास, अनिल अग्रवाल, आशीष राणा, जयप्रकाश लोधा, सुरेश प्रसाद समेत भारी संख्या में व्यापारी शामिल रहे.







