चाकुलिया: अनुसूचित जाति समन्वय समिति जमशेदपुर के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं एवं युवाओं को जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि संबंधित लोगों का झारखंड राज्य का नागरिक प्रमाण पत्र तो बन रहा है, लेकिन जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाए जाने के कारण उन्हें शिक्षा एवं रोजगार से जुड़ी राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है. (नीचे भी पढ़े)
समिति के सदस्यों ने बताया कि जाति प्रमाण पत्र जारी करने वाले विभाग के सक्षम अधिकारियों द्वारा कार्मिक विभाग के पत्रांक संख्या-1754, दिनांक 25/02/2019 का हवाला देते हुए यह कहा जाता है कि आवेदकों के पास 10 अगस्त 1950 से पूर्व झारखंड राज्य की भौगोलिक सीमा के भीतर निवास का प्रमाण नहीं है, जिसके कारण जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है. समिति ने इसे झारखंड के नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन बताया. यह प्रतिनिधि मंडल झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिले. (नीचे भी पढ़े)
इस दौरान झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भी मुख्यमंत्री के समक्ष इस समस्या को रखते हुए शीघ्र समाधान की मांग की. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्मिक विभाग से वार्ता कर जल्द समाधान निकालने का आश्वासन दिया. इसके पश्चात समिति के सदस्यों ने अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री चमरा लिंडा से भी मुलाकात की, जिन्होंने समस्या के शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया. प्रतिनिधिमंडल में अजय रजक, अभिषेक, शेखर रजक, परेश मुखी, बिमल रजक, पहलक चौधरी, गणेश राम, मनीष कुमार, गौरी देवी, पूर्णिमा देवी समेत अन्य सदस्य उपस्थित थे.







