जमशेदपुर : टाटा मोटर्स के कन्वाई चालकों की वर्षों पुरानी मांग आखिरकार पूरी हो गई है. अब चेसिस ले जाने के दौरान दुर्घटना में चालक की मृत्यु होने पर ₹15 लाख का मेडिक्लेम/दुर्घटना बीमा मिलेगा. इस फैसले से हजारों कन्वाई चालकों में खुशी का माहौल है. चालक लंबे समय से बीमा सुविधा की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे. कई चालकों की ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में मौत होने के बावजूद उन्हें कोई आर्थिक सहायता नहीं मिलती थी. (नीचे भी पढ़ें)
ऑल इंडिया कन्वाई वर्कर्स यूनियन के प्रयासों के बाद पहले चरण में 550 चालकों का बीमा तैयार कर लिया गया है. शुक्रवार को टाटा मोटर्स के डीजीएम अमित सिन्हा, टीटीसीए के सीईओ डॉ जेपी सिंह, ट्रांसपोर्ट विभाग के प्रताप चंद शुक्ला और जेपी गौंड ने यूनियन के महामंत्री जय नारायण सिंह उर्फ साधु तथा उपाध्यक्ष सुदामा यादव को बीमा पॉलिसी की प्रतियां सौंपीं. (नीचे भी पढ़ें)
बीमा योजना के तहत चेसिस ले जाते समय दुर्घटना में मृत्यु होने पर ₹15 लाख, दुर्घटना में हाथ-पैर टूटने पर ₹1 लाख तथा ओपीडी उपचार के लिए ₹30 हजार तक की सहायता मिलेगी. यह पोस्टल विभाग की पॉलिसी है, जिसका क्लेम देश के किसी भी डाकघर में किया जा सकेगा. यूनियन महामंत्री जय नारायण सिंह ने इस पहल का स्वागत करते हुए टाटा मोटर्स प्रबंधन से दूसरे चरण में भी 500 और कन्वाई चालकों का बीमा कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि यह योजना चालकों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगी.







