
जमशेदपुर : देश के बैंकिंग इंडस्ट्री में कार्यरत सबसे बड़े कर्मचारी संगठन “ऑल इंडिया बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन” के साथ “ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन” एवं “बैंक इम्प्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया” ने “सेंट्रल ट्रेड यूनियन” द्वारा आहूत 28 एवं 29 मार्च की दो दिवसीय हड़ताल सफल बनाने का आह्वान किया है। साथ ही कहा है कि मौजूदा केंद्र सरकार द्वारा बैंक को प्राइवेट करने का पुरजोर प्रयास किया जा रहा है। बैंकों के स्थाई प्रवृति के कार्यों का ठेका करण / आउटसोर्सिंग करने पर सरकार आमदा है, जिसमें सफाई, सुरक्षा और कैश डिस्ट्रीब्यूशन / करेंसी चेस्ट का कार्य शामिल है। बैंको में लगातार कार्य का बोझ बढ़ रहा है, लेकिन बैंको के खाली पदों पर नियुक्तियां नहीं की जा रही हैं, वन टाइम सेटलमेंट के नाम पर करोड़ों के लोन लाखों और हजारों में सेटल किए जा रहे हैं, जिससे बैंक की पूंजी का ह्रास होता है। इसे बंद कर लोनी से पाई पाई वसूलने की मांग की गयी है। ग्राहकों को दी जाने वाली सुविधा / सेवा के लिए वसूले जाने वाले सेवा शुल्क में अत्यधिक वृद्धि की गई है, जिसका विरोध किया गया है। साथ ही मांग की गयी है कि किसानों को समुचित आर्थिक सहायता मिले, आम जनता की गाढ़ी कमाई की बैंकों में जमा पूंजी का उपयोग आम जनता और देश की उन्नति के लिया किया जाये, न कि एनपीए, बैड लोन और वन टाइम सेटलमेंट के नाम पर कॉरपोरेट लूट के लिए प्रयोग किया जाये। बताया गया है कि “बैंक बचाओ-देश बचाओ” के नारे के साथ तनख्वाह कटवाकर ये दो दिन की हड़ताल की जा रही हैं। जनता से अपील की गयी है कि इस हड़ताल को अपना पूर्ण समर्थन देकर सफल बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी), निजी बैंकों में एआईबीईए यूनियनों, विदेशी बैंक, सहकारी बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शामिल हो रहे हैं।





