अनिल कुमार/बोकारो : निजी विद्यालयों की मनमानी चरम पर है. ऐसा ही एक मामला बोकारो में सामने आया है, जहां आठवीं कक्षा के छात्र को फीस नहीं जमा रहने के कारण चिरा चास स्थित पांडा इंटरनेशनल स्कूल प्रबंधन ने परीक्षा देने से वंचित कर दिया है. यही नहीं, आज जब छात्र के पिता ने कर्ज लेकर फीस जमा कर दिया तब भी छात्र के परीक्षा देने की बात तो दूर, स्कूल में घुसने तक नहीं दिया. बच्चा एवं उसके पिता ने स्कूल की इस मनमानी की शिकायत को लेकर जिला शिक्षा अधीक्षक के पास पहुंच कर फरियाद की, जिसके बाद जिला शिक्षा अधीक्षक ने स्कूल की प्रिंसिपल को फोन पर फटकार लगाते हुए बच्चे को परीक्षा से वंचित किये जाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी. (नीचे भी पढ़ें)

स्कूल की शिकायत लेकर पहुंचे पिता-पुत्र ने डीएसई नूर आलम खान को बताया कि मो फैज अख्तर नामक उक्त बच्चे को स्कूल प्रबंधन ने गुरुवार को ही इसलिए परीक्षा देने से रोक दिया क्योंकि उसकी दिसंबर माह की फीस जमा नहीं हुई थी. बच्चे के पिता नसीम अख्तर ने बताया कि आज वे कर्ज लेकर बच्चे की फीस जमा करने पहुंचे तो स्कूल ने फीस के पैसे तो ले लिये, किन्तु बच्चे को आज भी परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)
उनकी शिकायत पर डीएसई नूर आलम ने तत्काल पांडा इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल को फोन लगाकर उन्हें फटकार लगाई और कहा कि अगर छात्र को परीक्षा से वंचित रखा गया तो प्रबंधन पर कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि आरटीई में फीस जमा नहीं होने के कारण किसी बच्चे को परीक्षा से वंचित किये जाने पर वैधानिक कार्रवाई का प्रावधान है, क्योंकि किसी छात्र को फीस जमा नहीं होने के कारण परीक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता.(नीचे भी पढ़ें)
डीएसई नूर आलम खान ने बताया कि उनके संज्ञान में यह मामला अब आया है, जिसके बाद उन्होंने स्कूल प्रिंसिपल से बात की है. प्रिंसिपल ने बच्चे को परीक्षा में शामिल कराने की बात कही है, हालांकि इसके बाद भी इस मामले में आगे कार्रवाई की जायेगी.




