रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संगठनात्मक मजबूती के उद्देश्य से धनबाद और पूर्वी सिंहभूम जिला (जमशेदपुर) कांग्रेस कमेटियों के विभाजन का निर्णय लिया है. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआइसीसी) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अनुमोदन के बाद महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल द्वारा प्रेषित पत्र के आलोक में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने इस पुनर्गठन प्रस्ताव को स्वीकृति दी है. इसके तहत दोनों जिलों को अब ‘शहरी’ और ‘ग्रामीण’ दो अलग-अलग जिला कमेटियों में विभाजित किया जाएगा. इसके तहत पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) के क्षेत्राधिकार में जमशेदपुर इंडस्ट्रियल एरिया (पूर्ववर्ती जेएनएसी), जमशेदपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गोलमुरी, टेल्को व बिरसानगर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र, जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के मानगो नगर निगम क्षेत्र, मानगो, साकची, कदमा-सोनारी और बिष्टुपुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटियां शामिल की गई हैं. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं, पूर्वी सिंहभूम (ग्रामीण) के अंतर्गत घाटशिला, बहरागोड़ा, धालभूमगढ़, चाकुलिया, गुड़ाबांदा, डुमरिया, मुसाबनी, पोटका, पटमदा एवं बोड़ाम प्रशासनिक प्रखंडों को शामिल किया गया है. साथ ही जुगसलाई व पोटका विधानसभा क्षेत्रों की 55 पंचायतों को मिलाकर जमशेदपुर ग्रामीण ब्लॉक कांग्रेस कमेटी का गठन किया जाएगा. इसके अलावा जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र के पटमदा एवं बोड़ाम ब्लॉक को भी ग्रामीण संरचना से जोड़ा गया है. वहीं, धनबाद में 55 वार्ड शहरी में, 7 प्रखंड ग्रामीण में शामिल किया गया है. धनबाद जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) के क्षेत्राधिकार में धनबाद नगर निगम क्षेत्र के सभी 55 वार्डों को शामिल करते हुए सिटी जिला कांग्रेस कमेटी का गठन होगा. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं, धनबाद जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) में बलियापुर, गोविंदपुर, निरसा, तोपचांची, टुंडी, बाघमारा एवं कलियासोल प्रखंडों को शामिल किया गया है. अंतरिम व्यवस्था के तहत दोनों जिलों के वर्तमान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों को पुनर्नियोजित करते हुए संबंधित ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया जाएगा. साथ ही अगले आदेश तक वे संबंधित शहरी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद के दायित्वों का भी निर्वहन करते रहेंगे. प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने सभी पदाधिकारियों, जिला प्रभारियों व संबंधित जिला अध्यक्षों को इस निर्णय के आलोक में आवश्यक संगठनात्मक तैयारियों और समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.





