धनबाद: धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्याकांड में अदालत ने बुधवार को अपना फैसला सुनाया. इस केस में झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है. यह फैसला आठ साल पांच महीने के बाद आया है. कोर्ट ने सबूत के अभाव में संजीव सिंह समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है. इस हत्याकांड के आरोपी झरिया के पूर्व भाजपा विधायक संजीव सिंह एंबुलेंस से कोर्ट में हाजिर हुए. इधर कोर्ट से फैसले आने के बाद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए है. ताकि किसी तरह की अनहोनी न हो. जिला पुलिस ने कोर्ट परिसर को छाबनी में तब्दील कर दिया है. एसपी समेत सभी पुलिस पदाधिकारी इस मामले को लेकर काफी मुस्तैद है. जानकारी के अनुसार पुलिस ने नीरज सिंह हत्याकांड की जांच के बाद कुल 11 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था. साथ ही हत्याकांड में शामिल छह अभियुक्तों के खिलाफ जांच जारी रखा है. इन अभियुक्तों के खिलाफ अब तक जांच पूरी नहीं हुई है. (नीचे भी पढ़े)
जिन छह अभियुक्तों के खिलाफ फिलहाल जांच जारी है. उसमें – गया सिंह, महंत पांडेय, संतोष, मोनू, रिंकु उर्फ विकास उर्फ धर्मेंद्र सिंह, सिद्धार्थ गौतम उर्फ मनीष का नाम शामिल है. रिंकू सिंह वर्ष 2023 से ही कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहा है. नीरज सिंह हत्याकांड में शामिल अभियुक्तों में तीन अभियुक्त ऐसे हैं, जिनकी जमानत रद्द होने के बावजूद फरार है. इसमें रिंकू, कुर्बान अली और संतोष सिंह का नाम शामिल है. नीरज सिंह हत्याकांड के बाद से ही अभियुक्त संतोष फरार चल रहा है. वह ना तो कभी ट्रायल कोर्ट में हाजिर हुई ना ही कभी पुलिस उसे तलाश कर पायी. कुर्बान अली हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से निकला. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी. लेकिन वह जेल से निकलने के बाद से फरार है और पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है. अभियुक्त कुर्बान अली को झारखंड हाईकोर्ट ने पांच मार्च 2025 को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था.हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में कुर्बान अली जेल से बाहर निकला. इस बीच हाईकोर्ट द्वारा दी गयी जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गयी. सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट द्वारा दिये गये जमानत के आदेश को निलंबित कर दिया.



