
रांचीः झारखंड स्थापना दिवस को लेकर रांची के जैप -1 ग्राउंड में अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया. इस मौके पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मौजूद रहे. इस दौरान मुख्यमंत्री ने 57 पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को उत्कृष्ट कार्य के लिए मेडल देकर सम्मानित किया. उन्होने कहा कि अलग राज्य बनने के बाद पिछले 20 सालों में हमने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. इस दौरान हमने कई मुकाम हासिल किए तो कई चुनौतियों और समस्याओं का भी सामना किया. अपने कर्तव्यों को निभाते हुए कई जवान वीरगति को प्राप्त हुए, फिर भी आप का मनोबल नहीं टूटा. (नीचे भी पढ़े)

अलग राज्य बनने के बाद झारखंड की गिनती पूरे देश में सबसे ज्यादा उग्रवाद प्रभावित राज्यों में होती थी लेकिन , आपने अपनी ताकत से उग्रवादियों को मुंह तोड़ जवाब दिया है. आज हम कह सकते हैं कि उग्रवाद को काफी हद तक नियंत्रित करने में कामयाबी हासिल कर ली है. हमें अपने वीर पुलिस जवानों पर गर्व है. उन्होने कहा कि विभिन्न कारणों से कुछ युवक मुख्यधारा से भटक गए हैं. ऐसे युवकों से उन्होंने राज्य के हित में मुख्यधारा में लौटने का आग्रह किया. मुख्यधारा में वापस लौटने वाले युवकों को सरकार सम्मान के साथ जीने का अधिकार और रोजगार उपलब्ध कराएगी. (नीचे भी पढ़े)
मुख्यमंत्री ने इस समारोह में उत्कृष्ट कार्य के लिए 57 पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को मेडल देकर सम्मानित किया. इनमें एक पुलिस पदाधिकारी को विशिष्ट सेवा पदक, 27 पुलिस पदाधिकारियों /कर्मियों को मुख्यमंत्री वीरता पदक और 29 पुलिस पदाधिकारी/ कर्मियों को सराहनीय सेवा पदक प्रदान किया गया. इस अवसर पर आयोजित परेड में झारखंड सशस्त्र पुलिस- 1, झारखंड सशस्त्र पुलिस -2, वायरलेस की बटालियन, झारखंड सशस्त्र पुलिस -10 (महिला वाहिनी ), इंडियन रिजर्व बटालियन -5, रांची जिला बल और झारखंड जगुआर की टीम शामिल हुई । इसके अलावा झारखंड सशस्त्र पुलिस बटालियन- 1, झारखंड सशस्त्र पुलिस बटालियन -10 और झारखंड पुलिस अकादमी, हजारीबाग की बैंड टीम ने भी भाग लिया.











