गिरिडीह: उप विकास आयुक्त, शशि भूषण मेहरा की ठोस तथा तरल अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर जिला अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें जिला स्तरीय पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला जन संपर्क पदाधिकारी,जिला शिक्षा अधीक्षक, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी,बीपीओ मनरेगा, पेयजल के कर्मी,जेएसएलपीएस के कर्मी,आईएसए टीम, सभी बीसी/एसएम ने भाग लिया. उप विकास आयुक्त ने सभी कर्मी को निर्देश दिया गया प्रखण्ड स्तर 10-11 फरवरी को सभी प्रखंडों में बीडीओ की अध्यक्षता में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम कर वीएसएसपी सम्पाइल रिपोर्ट जिला में ससमय पहुंचाना सुनिश्चित करेंगे.(नीचे भी पढ़े)
ग्राम स्वच्छता योजना व ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट किया जाना है, जो निम्नलिखित हैं:
- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, नाडेप वर्मी कम्पोस्ट, कम्पोस्ट पीट
- तरल अपशिष्ट प्रबंधन: व्यक्तिगत सोक पीट, सामुदायिक सोक पीठ, नाली
- माहवारी स्वच्छता प्रबंधन: भष्मक का अधिष्ठापन
- मलीय कचरा प्रबंधन:- सैप्टिक टैंक के साथ सोक पीट, सैप्टिक टैंक से निकलने वाले मल का सुरक्षित निपटाना,
- प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन: बांस का घेरा, ग्राम स्तर पर प्लास्टिक एकत्र करने हेतु शेड, प्रखण्ड स्तर पर प्लास्टिक प्रबंधन ईकाई
- गोबर गैस प्लांट: व्यक्तिगत कलस्टर एवं सामुदायिक स्तर पर गोबर गैस प्लांट स्थापित करना,साथ ही साथ समुदाय के साथ बैठक
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