रामगढ़ : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से अपने पैतृक गांव नेमरा (रामगढ़) में दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि और संवेदना प्रकट करने वालों का तांता दिनभर लगा रहा. पूरे राज्य के कोने-कोने से हजारों की संख्या में लोग मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मिलने पहुंचे. (नीचे भी पढ़े)

ग्रामीण, किसान, महिलाएं, युवा, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि सभी ने श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके संघर्ष, त्याग तथा जनसेवा के अमूल्य योगदान को याद किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने न केवल लोगों की सांत्वना स्वीकार की, बल्कि उनसे विस्तार से संवाद भी किया. उन्होंने ग्रामीणों और प्रतिनिधियों की समस्याओं, स्थानीय विकास कार्यों से जुड़ी जरूरतों और शासन – प्रशासन से संबंधित मुद्दों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित पदाधिकारियों को तत्काल कार्रवाई हेतु निदेशित किया. (नीचे भी पढ़े)

मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कई मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए और आश्वासन दिया कि आम लोगों की हर जायज़ समस्या का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीणों और आम नागरिकों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि गुरुजी की विचारधारा के अनुरूप जनता की सेवा और उनकी समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है. (नीचे भी पढ़े)

मुलाकात के दौरान लोगों ने भावुक होकर कहा कि गुरुजी ने अपने जीवन को सदैव समाज और राज्य की सेवा के लिए समर्पित किया. उनकी सादगी, ईमानदारी और संघर्षशीलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी। मुख्यमंत्री ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरुजी के दिखाए गए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. (नीचे भी पढ़े)

उन्होंने आश्वासन दिया कि गुरुजी के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास करती रहेगी. दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन के श्राद्ध कर्म की तैयारियों का मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने जायज़ा लिया. उन्होंने स्वयं ई-रिक्शा चलाकर पूरे आयोजन स्थल का भ्रमण किया और हर पंडाल में जाकर व्यवस्थाओं की बारीकी से निगरानी की. (नीचे भी पढ़े)

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों के लिए सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, पार्किंग, टेंट, बैठने की व्यवस्था और शौचालय की पर्याप्त सुविधा सुनिश्चित की जाए, साथ ही यातायात व्यवस्था इस प्रकार बनाई जाए कि किसी को भी दुश्वारी न हो. इस अवसर पर उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और नेमरा गांव के लोग मौजूद रहे.



