
रांची : झारखंड में कोरोना वायरस को लेकर काफी अलर्ट की स्थिति है. इसको देखते हुए झारखंड सरकार ने 14 अप्रैल तक के लिए सारे सार्वजनिक कार्यक्रमों को रद्द करने के साथ ही जिम, मॉल, सिनेमाघरों को बंद कर दिया है. इसके अलावा कई सारे एहतियाती कदम उठाये गये है. मंगलवार को झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन ने एक आपात बैठक की. इस बैठक में हाईकोर्ट के तमाम न्यायाधीशों के अलावा चुनिंदा सीनियर वकीलों को भी बुलाया गया था. इसमें कोरोना वायरस की स्थितियों की समीक्षा की गयी. हाईकोर्ट में लगातार जुटने वाली भीड़ पर चिंता जतायी गयी और किस तरह कोर्ट की कार्यवाही चलायी जा सकती है, इस पर भी विचार किया गया. इसके बाद तय किया गया कि कोरोना वायरस को रोकने के लिए भीड़ को कम करना जरूरी है. इसको देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट को 15 दिनों के लिए बंद करने का फैसला लिया गया. बुधवार यानी 18 मार्च से 15 दिनों के लिए झारखंड हाईकोर्ट को बंद किया जायेगा. जिस केस की सुनवाई होना जरूरी है और सुनवाई के दौरान सफाई का खास ध्यान रखा जायेगा. सिर्फ वकील और क्लाइंट की ही इंट्री होगी. किसी तरह कोर्ट में भीड़ नहीं लगे, इसको सुनिश्चित किया जायेगा. जमानत या अन्य मामलों को लेकर सुनवाई के लिए एक से दो कोर्ट खोले जायेंगे. इसके अलावा कुछेक कोर्ट, जहां सबसे महत्वपूर्ण मुकदमा लंबित है, जिसकी लिस्टिंग कर सुनवाई की जायेगी. किसी तरह भी यह सुनिश्चित होगा कि कोर्ट में भीड़ नहीं लगे क्योंकि संक्रमण फैलने का खतरा है. वैसे अब तक के इतिहास में यह पहली घटना है, जब ऐसा फैसला किसी हाईकोर्ट ने एक बीमारी को देखते हुए लिया है. जमशेदपुर, रांची समेत अन्य जिलों के कोर्ट का क्या होगा, इसके बारे में अब तक कोई फैसला नहीं हुआ है. वैसे जिले को लेकर अलग से फैसला लिया जायेगा, लेकिन ज्यादा संभावना है कि जमशेदपुर, रांची समेत अन्य जिलों के कोर्ट को भी 15 दिनों के लिए बंद रखा जायेगा. यहां भी जिले के स्तर पर भी हर तरह के केस की समीक्षा की जायेगी और महत्वपूर्ण केस की ही सुनवाई होगी. कम वकील आये, क्लाइंट भी कम आये, इसके लिए जिले के न्यायाधीशों को वकीलों के साथ रायशुमारी करने का आदेश भी दिाय गया है.















