
रांची : झारखंड के धनबाद जिले में जज उत्तम आनंद की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ से जों की सुरक्षा पर किये गये उपायों की रिपोर्ट भी तलब की है. कोर् ने सीबीआइ को नोटिस जारी कर सभी राज्यों से जजोनं की सुरक्षा के उपाय पर जवाब मांगा है. इस दौरान सुनवाई में जांच एजेंसियों के कामकाज पर भी सवाल उठाये गये. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना ने कहा कि आइबी और सीबीआइ न्यायपालिका की बिलकुल भी मदद नहीं कर रहे है. जब जज शिकायत करते है तो जवाब तक देना उचित नहीं समझते है. जजों की कोई सुरक्षा कॉलोनियों में नहीं है. इस तरह की लापरवाही से ही नौजवान ऑफिसरों की मौत हो गयी. इसके लिए सरकार जिम्मेदार है. धनबाद में कोयला माफिया इतने सक्रिय हैं. ऐसे में जजों की सुरक्षा कौन देगा. इस पर झारखंड के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि जजों की कॉलोनी में चारो तरफ से बाउंड्री करा दी गयी है. इस पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रमन्ना ने कहा कि अपराधियों के लिए बाउंड्री वाल कोई मायने नहीं रखता है. इससे ज्यादा सुरक्षा चाहिए. इसके बाद सुनवाई को टाल दी गयी. देश की सर्वोच्च अदालत सीबीआइ के रवैये से खासे नाराज दिखे. कोर्ट ने कहा कि गैंगस्टर और हाइप्रोफाइल लोग जजों को धमकी देते है. कई मामलों में सीबीआइ जांच भी कराने का आदेश दिया जाता है, लेकिन सीबीआइ ने कुछ नहीं किया. सीबीआइ के व्यवहार में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं आया है. सीबीआइ के बर्ताव में बदलाव रहोना चाहिए. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा कि 2019 में ऐसे ही मामले में केंद्र सरकार को जवाब देना था, लेकिन जवाब नहीं दिया. एक सप्ताह में केंद्र सरकार को जवाब देना है. अगली सुनवाई सोमवार को फिर से करने की बात कहीं गयी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निचली अदालतों के जजों और हाईकोर्ट के जजों को अपराधी धमकाते है. जजों को प्रताड़ित किया जाता है. फेसबुक और वाट्सएप पर धमकी दिया जाता है. अगर उनके पक्ष में फैसला नहीं आया तो न्यायापालिका की छवि खराब की जाती है. जजों को धमकी देते है. जज अपने उच्चाधिकारी से शिकायत करते है. पुलिस या जांच एजेंसियां इसमें कोई कार्रवाई नहीं करती है. सीबीआई, आइबी जैसी एजेंसियां तक न्यायपालिका का सहयोग नहीं करती है. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना ने कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार का सहयोग की जरूरत होगी. झारखंड के महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि 22 सदस्यीय एसआइटी घटना के दिन ही गठित कर दी गयी थी और जांच की जा रही थी. सीबीआइ ने भी कामकाज शुरू कर दिया है. दो लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है. इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इसका मतलब है कि आपने केस से हाथ धो लिये. देश के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि झारखंड में जज की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हुई है. धनबाद में कोयला माफिया सक्रिय है. ऐसे में जज को व्यापक सुरक्षा देनी चाहिए थी. ये राज्य सरकार की विफलता है. झारखंड के धनबाद के जज उत्तम आननंद हत्याकांड से जुड़े मामले की हाईकोर्ट में भी सुनवराई चल रही है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा. आपको बता दें कि 28 जुलाई को धनबाद में मॉर्निंग वाक के दौरान एक ऑटो के धक्के से जज उत्तम आनंद की मौत हो गयी थी. इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और टेम्पो को जब्त कर लिया गया. अब मामले की जांच सीबीआइ कर रही है जबकि 22 सदस्यीय एसआइटी राज्य सरकार की ओर से जांच कर रही है.






