
जमशेदपुर : जमशेदपुर की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर थाना के सहायक अवर निरीक्षक (एएसआइ) को 2500 रुपये घूस लेते हुए रंगेहाथ धर दबोचा है. पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर के भालियाडीह गांव के रहने वाले मरताम सामड की शिकायत पर यह कार्रवाई की गयी. उनके बेटे की पुलिस ने नौकरी हो गयी है. पुलिस अवर निरीक्षक के पद पर बहाली के लिए उसको थाना से आचरण सत्यापन (कैरेक्टर सर्टिफिकेट) लेना था, जिसके बदले चक्रधरपुर थाना के छोटा बाबू (एएसआइ) गणेश सिंह 5000 रुपये घूस मांग रहे थे. लेकिन वह घूस देना नहीं चाहता था. उसने तत्काल एसीबी की टीम से संपर्क किया, जिसके बाद उक्त एएसआइ को शुक्रवार को घूस लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया गया. पहले घूस देने की राशि तय की गयी, जिसके बाद पहली पेशगी शुक्रवार को तय हुआ कि देना है. एसीबी टीम के साथ ही मरताम सामड गया और उसको जैसे ही 2500 रुपये घूस दिया, वैसे ही एसीबी की टीम ने उसको पकड़ लिया. उसको पकड़कर जमशेदपुर के सोनारी स्थित एसीबी थाना ले आया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है और अब उसको जेल भेजा जा रहा है. पकड़ा गया सहायक पुलिस अवर निरीक्षक (एएसआइ) गणेश सिंह मूल रुप से बिहार के भोजपुर जिले के श्रीपालपुर कोयलपुर थाना देवरिया के रहने वाले है. उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधित अधिनियम 2018 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. (पूरी खबर नीचे पढ़ें कैसे पलामू में घूस लेते पदाधिकारी पकड़ाया)

पलामू में एसीबी ने जिला कल्याण पदाधिकारी व उनके लिपिक को घूस लेते पकड़ा
दूसरी ओर, झारखंड के ही पलामू जिले में एसीबी की टीम ने पलामू के जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष कुमार और उनके लिपिक मनोज कुमार को घूस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. दोनों पर योजना पारित कराने के नाम पर 20 हजार रुपये घूस लेने का आरोप है. शुक्रवार को जिला कार्यालय पदाधिकारी को उनके कार्यालय से गिरफ्तार किया गया. उनके घर की तलाशी एसीबी की टीम ने की, जिसके बाद से उनके पास से 2.83 लाख रुपये नगद बरामद किया गया. पलामू के छतरपुल देवासी निवासी उगाशंकर बैगा ने ग्राम टुंडूर, धुगकुडिया भवन निर्माण के लिए एक पत्र जिला कल्याण पदाधिकारी को दिया था. इसको बनाने का आदेश आ गया, लेकिन उनको आवंटन नहीं दिया जा रहा है. आवंटन के बदले जिला कल्याण पदाधिकारी ने अपने लिपिक मनोज कुमार के माध्यम से 20 हजार रुपये घूस मांगे. इसके बाद उसने एसीबी से संपर्क किया, जिसके बाद एसीबी की टीम ने धावा बोलकर दोनों को घूस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया.





