जमशेदपुर : झारखंड के शतरंज इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया है. जमशेदपुर के महज़ 14 वर्षीय अधिराज मित्रा ने अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फिडे ) का प्रतिष्ठित फिडे मास्टर (एफएम) खिताब हासिल कर लिया है. 2300 रेटिंग की सीमा पार करते हुए उनकी फिडे रेटिंग अब करियर-सर्वोच्च 2348 तक पहुँच गई है और इसके साथ ही वे झारखंड के सर्वोच्च रेटेड शतरंज खिलाड़ी बन गए हैं. एक ऐसे राज्य के लिए, जो लंबे समय से भारतीय शतरंज के नक्शे पर हाशिए पर रहा है, यह किसी नई सुबह से कम नहीं. फिडे मास्टर, अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ द्वारा प्रदान किया जाने वाला एक स्थायी खिताब है, जो किसी खिलाड़ी के 2300 रेटिंग की सीमा पार करने पर मिलता है. यह किसी भी युवा खिलाड़ी के करियर का एक बड़ा पड़ाव माना जाता है और अगले दो बड़े खिताबों, इंटरनेशनल मास्टर (आईएम) तथा ग्रैंडमास्टर, की ओर पहला ठोस कदम भी. 2348 की रेटिंग पर पहुँचकर अधिराज ने यह पड़ाव पूरे आत्मविश्वास के साथ पार किया है. यह उपलब्धि अधिराज के हाल के शानदार प्रदर्शन का नतीजा है. जून 2026 में गुजरात इंटरनेशनल ग्रैंडमास्टर टूर्नामेंट में उन्होंने अपनी रेटिंग में एक ही टूर्नामेंट में 107 अंकों की छलांग लगाई. इसका सबसे यादगार पल था वियतनाम के अनुभवी ग्रैंडमास्टर न्गुयेन डुक होआ को काले मोहरों से हराना. अपने से लगभग 200 रेटिंग अंक अधिक के प्रतिद्वंद्वी को मात देना यह साबित करता है कि अधिराज बड़े मंच के लिए पूरी तरह तैयार हैं. (नीचे देखे पूरी खबर)

चार कॉमनवेल्थ पदक और एक ऐतिहासिक पहला ग्रैंडमास्टर पर यह जीत अधिराज की पहले से ही ऐतिहासिक उपलब्धियों में और चार चाँद लगाती है. वर्ष 2025 में मलेशिया में कॉमनवेल्थ चैस चैंपियनशिप में उन्होंने यू 14 वर्ग में स्वर्ण जीतकर कॉमनवेल्थ स्तर पर स्वर्ण जीतने वाले झारखंड के पहले खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया था. एक वर्ष बाद, 2026 में श्रीलंका में उन्होंने यू-14 वर्ग के तीनों प्रारूपों में पदक जीतकर कमाल कर दिया, बलिटज़ में स्वर्ण, रैपिड में रजत और क्लासिकल में कांस्य. तीन अलग-अलग समय-प्रारूपों में पदक जीतना एक संपूर्ण खिलाड़ी की पहचान है. यूँ, दो वर्षों में चार कॉमनवेल्थ पदक, यह झारखंड के किसी भी जूनियर खिलाड़ी की अब तक की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि है.






