रांची : झारखंड में हुए राज्यसभा चुनाव की दो सीटों के लिए हुए मतदान में झामुमो और कांग्रेस के सारे विधायक एक साथ रहे. लेकिन अंतिम समय में राजद और भाकपा माले के विधायकों ने धोखा दे दिया और भाजपा समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी को वोट दे दिया. अंतिम तौर पर मिली जानकारी के मुताबिक, 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में हुए मतदान में झामुमो के उम्मीदवार बैजनाथ राम को सबसे अधिक कुल 31 वोट मिले. 34 विधायक वाली झामुमो के लोगों ने वोट झामुमो के प्रत्याशी के पक्ष में किया. पहले से तय रणनीति के मुताबिक, तीन झामुमो विधायक को कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को वोट देना था. इसके तहत तीन विधायक ने कांग्रेस प्रत्याशी को वोट दिया. कांग्रेस के पास पहले से 16 विधायक थे, जिस कारण कुल 19 वोट ही प्रणव झा को मिला. कांग्रेस के सहयोगी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के चार विधायक और भाकपा माले के दो विधायकों ने भाजपा समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी को दे दिया. (नीचे भी पढ़े)
इस तरह परिमल नाथवानी को भाजपा के 21, जदयू के 1, आजसू का 1 और लोजपा का 1 वोट मिला यानी कुल 24 वोट तय रणनीति के तहत मिल गया. इसके बाद जेएलकेएम के विधायक जयराम महतो ने भाजपा समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी को वोट दिया. इस तरह कुल संख्या 25 हो गयी. राजद के 4 और भाकपा माले के कुल दो विधायकों ने परिमल नाथवानी को वोट डाले. कुल 31 वोट परिमल नाथवानी को मिले. लेकिन वोटिंग में राजद का एक और भाकपा माले के दो वोट को गलत वोटिंग के कारण रद्द कर दिया गया. इस कारण परिमल नाथवानी को कुल 28 वोट मिले. कांग्रेस को सिर्फ 19 वोट मिला, जिस कारण राज्यसभा के दो सीट पर झामुमो के बैजनाथ राम और भाजपा समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी विजेता घोषित कर दिये गये. इस वोटिंग के बाद कांग्रेस के प्रभारी के राजू ने कहा है कि उनके साथ भारी धोखा किया गया है. धोखा के कारण यह स्थिति हुई है. कांग्रेस के सारे विधायक एक साथ रहे है.







