चाईबासा : हजारीबाग और बोकारो के बाद अब पश्चिमी सिंहभूम जिले में पुलिस विभाग के खातों से करीब 45 लाख की अवैध निकासी का मामला सामने आया है. इस मामले में एक पुलिस आरक्षी को हिरासत में ले लिया गया है. इससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है. इस मामले के आने के बाद पश्चिम सिंहभूम जिले के उपायुक्त मनीष कुमार के नेतृत्व में जांच की जा रही है. रांची मुख्यालय से वित्तीय टीम भी जांच के लिए पहुंची है, जो मामले की जांच शुरू कर दी है. इस मामले के आने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है. शुरुआती जांच में यह संकेत मिला है कि पुलिस विभाग के खातों से फर्जीवाड़ा कर रकम निकाली गई है. (नीचे भी पढ़ें)
इस पूरे मामले का खुलासा आंतरिक ऑडिट के दौरान हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरु कर दी है. इस मामले में एक आरक्षी को गिरफ्तार किया गया है, जिससे पूछताछ की जा रही है. बताया जाता है कि उक्त आरक्षी ने ही अवैध तरीके से पुलिस के खाते से लाखों की निकासी की है. बताया जाता है कि चाईबासा ट्रेजरी की ब रुटीन ऑडिट किया गया और खाते का मिलान किया गया तो आवंटन और निकासी के आंकड़ों में बड़ा अंतर था. इसके बाद पाया गया कि फर्जी वाउचर और जाली हस्ताक्षरों के जरिये सरकारी खजाने से लाखों रुपये से पैसे निकाले गये. (नीचे भी पढ़ें)
कई महिनों में अलग अलग फर्जी बिलिंग के जरिये यह निकासी की गयी है. पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेणु खुद मामले की जांच कर रहे है. इसकी पुष्टि एसपी ने की है और कहा है कि मामले की जांच की जा रही है. पुलिस यह जांच कर रही है कि कैसे यह गड़बड़ी है और किन लोगों की मिलीभगत है. इस मामले में पुलिस के लेखा विभाग के दो कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया है और गहन पूछताछ की जा रही है.











