मुंबई: राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा पवार को उनके पति और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के तीन दिन बाद शनिवार को महाराष्ट्र में सर्वसम्मति से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायक दल की नेता चुनी गईं. इसके बाद महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई. इससे पूर्व एनसीपी विधायक दल की नेता के रूप में सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव वरिष्ठ नेता दिलीप वालसे पाटिल ने किया. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने इसका समर्थन किया.शपथ ग्रहण से पहले सुनेत्रा पवार ने अपने दिवंगत पति की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की. उनके छोटे बेटे जय भी इस अवसर पर मौजूद थे. विधान भवन परिसर में प्रवेश करते समय कई मंत्री और विधायक भावुक दिखाई दिए.सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, विधान परिषद की डिप्टी चेयरपर्सन डॉ. नीलम गोरहे, मंत्री छगन भुजबल, मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और अन्य नेता शामिल हुए.(नीचे भी पढ़े)
बारामती में 28 जनवरी को हुई एक विमान दुर्घटना में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रहे अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी.डिप्टी सीएम की शपथ लेने से पहले सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया. सुनेत्रा 18 जून 2024 को राज्यसभा सांसद बनीं थीं.यह इस्तीफा इसलिए जरूरी है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 190(1) के तहत कोई भी व्यक्ति एक साथ केंद्र की संसद (राज्यसभा) और राज्य सरकार में मंत्री नहीं रह सकता.शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा,’यह एनसीपी का आंतरिक मामला है. सभी विधायकों और एनसीपी नेतृत्व का मानना था कि अजित दादा के निधन से खाली पद को तुरंत भरा जाना चाहिए. मेरा मानना है कि इस विचार का सम्मान किया जाना चाहिए और इस पर अनावश्यक विवाद नहीं होना चाहिए. एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय की रिपोर्ट्स पर उन्होंने कहा,’दोनों एनसीपी का विलय उनका आंतरिक मामला है. इस विषय पर हमें ज़्यादा कुछ नहीं कहना चाहिए.




