भुवनेश्वर : ओड़िशा के पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान रविवार को अहले करीब 4:00 बजे भगदड़ हो गई. इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक लोग घायल है. मरने वालों में 36 साल की बसंती साहू, 78 साल की प्रेम कांति महंती और प्रभाती दास शामिल है. इनके शव को पूरी मेडिकल कॉलेज में रखा गया है. पुरी की रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रातों को उनकी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर के सामने 9 दिन के लिए खड़ा कर दिया जाता है. यहां भगवान बलभद्र और सुभद्रा के रथ पहले पहुंच चुके थे भगवान जगन्नाथ रथ बाद में पहुंचा जिससे लोगों में उनके दर्शन करने की होड़ लग गई. इसी दौरान भगदड़ मची, जिससे गिरने से कई लोग कुचल गए जिसमें तीन लोगों की जान चली गई. बताया जाता है कि वहां पुलिस बल तैनात नहीं थे. इस बीच ओड़िशा के भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घटना पर आम लोगों से माफी मांगी है. उन्होंने लिखा है कि वह और उनकी सरकार भगवान जगन्नाथ के सभी भक्तों से व्यक्तिगत रूप से क्षमा मांगते हैं यह लापरवाही माफ करने लायक नहीं है. (नीचे भी पढ़े)

दूसरी ओर, पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान हुई भगदड़ की घटना के बाद ओडिशा सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस हादसे को लेकर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए पुरी के जिला कलेक्टर (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया है. सीएमओ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, पुरी के जिलाधिकारी सिद्धार्थ एस सवाई और एसपी का तबादला कर दिया गया है. वहीं डीसीपी विष्णु पति और कमांडेंट अजय पाधी को ड्यूटी में लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया है. चंचल राणा को पुरी का नया जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है, जबकि पिनाक मिश्रा ने नए एसपी का कार्यभार दिया गया है. ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी ने प्रत्येक मृतक श्रद्धालु के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की. सीएम ने विकास आयुक्त की देखरेख में विस्तृत प्रशासनिक जांच के आदेश दिए हैं.




