
जमशेदपुर : देश की सबसे बड़ी कंपनी समूह टाटा ने कोरोना काल में एक बार फिर से अपना खजाना खोल दिाय है. टाटा समूह ने इसको लेकर लगातार संसाधन जुटाने में लग गयी है. इसके तहत हजार से ज्यादा अस्पताल बेड, ऑक्सीजन का इंतजाम और स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना को लेकर ट्रेनिंग कराने का काम शुरू कर दिया है. इन सारे कार्यों के लिए टाटा समूह करीब दो हजार करोड़ रुपये खर्च करने जार ही है. वैसे टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन रतन टाटा और टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने टाटा समूह की सारी कंपनियों को कह दिया है कि वे लोग कोरोना के कंट्रोल को लेकर खर्च करें, लेकिन सही जगह खर्च हो, उसका हिसाब रखें, जिसका कोई लिमिट भी तय नहीं किया गया है. वैसे टाटा समूह ने जनवरी 2021 से लेकर मार्च 2021 तक बेहतर प्रदर्शन किया है, जिस कारण कंपनी और आगे आयी है. वैसे टाटा समूह वैक्सीन (टीका) बनाने वाली कंपनी के साथ भी टाइअप करने की तैयारी कर रहा है ताकि टीका देश में ज्यादा से ज्यादा लोगों को देकर जान बचायी जा सके. इसको लेकर रतन टाटा ने खुद एक टीम को क्रियाशील कर दिया है. टाटा समूह की कंपनी टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, इंडियन होटल्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा इंटरनेशनल, वोल्टास, टाटा प्रोजेक्ट और टाटा ऑटोकाप सिस्टम को संयुक्त रुप से इस दिशा में काम करने को कहा गया है. इसके लिए समर्पित टीम ही बना दी गयी है, जो लगातार टीका, बेड और ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न कंपनियों के साथ बातचीत कर कैसे इसका उत्पादन बढ़ सकता है, इसको लेकर बातचीत कर रही है. इसके अलावा सीएमसी वेलोर के साथ मिलकर स्वास्थ्यकर्मियों को ट्रेनिंग भी दिलाया जा रहा है ताकि ऐसे लोग कोरोना को कंट्रोल करने में अपनी अहम भूमिका निभा सके. दूसरी ओर, भाजपा नेता और खादी बोर्ड के सदस्य कुलवंत सिंह बंटी ने रतन टाटा के इन प्रयासों का तारीफ करते हुए कहा है कि रतन टाटा हमे गर्व है कि हम सभी को आप जैसा अभिभावक मिला, जो इस कोरोना काल में जमशेदपुर सहित पूरे भारत की मदद टाटा ग्रुप कर रही हैं. आप से आग्रह है कि टीएमएच, टाटा मोटर्स अस्पताल, टिनप्लेट अस्पताल में बेड और आइसीयू वेंटिलेटर और सभी तरह की व्यवस्था को बढ़ायी जाये ताकि लोगों को लाभ हो सके.














