जमशेदपुर : टाटा स्टील को ओडिशा हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है. ओडिशा राज्य सरकार की ओर से दिये गये 1902.72 करोड़ रुपये के डिमांड नोटिस पर ओडिशा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. टाटा स्टील के सुकिंदा क्रोमाइट ब्लॉक से खनिज भेजने के मामले में यह नोटिस दी गयी है. कंपनी की ओर से इसकी अधिकारिक जानकारी बीएसइ और एनएसइ को दी है, जिसमें बताया गया है कि कंपनी के खिलाफ ओडिशा सरकार की ओर से जारी किये गये नोटिस को चुनौती दी गयी थी. इस केस में उनको स्टे दे दिया गया है. इसकी प्रतिलिपि भी कंपनी को मिल गयी है. यह विवाद तीन जुलाई को जाजपुर के उपखान निदेशक के स्तर का है. उनके स्तर से एक नोटिस दी गयी है. (नीचे भी पढ़ें)
नोटिस में यह कहा गया है कि टाटा स्टील ने अपने माइंस के डेवलपमेंट और प्रोडक्शन को लेकर हुए समझौता के चौथे साल यानी जुलाई 2023 से जुलाई 2024 के दौरान सुकिंदा क्रोमाइट ब्लॉक से तय मात्रा से कम खनिज का डिस्पैच किया. यह खनन रियायत नियम 2016 के नियम 12 ए का उल्लंघन है. इस नियम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करानेा है कि कंपनी खनिज संसाधनों का भंडारण करने के बजाय उनका सक्रिय रुप से उपयोकग करें. इसी नियम का उल्लंघन करने का आरोप कंपनी पर लगा और नोटिस दी गयी. इसको कंपनी की ओर से ओडिशा हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी थी. ओडिशा हाईकोर्ट ने इस नोटिस पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी है.











