
जमशेदपुर : टाटा स्टील के सीइओ सह एमडी टीवी नरेंद्रन के दो करोड़ रुपये वेतन बढ़ोत्तरी के मामले में टाटा स्टील ने अपना पक्ष रखा है. टाटा स्टील ने कहा है ‘ हमें आपके प्रतिष्ठित वेबसाइट में सीइओ व एमडी टीवी नरेंद्रन तथा इडी व सीएफओ कौशिक चटर्जी के वेतन में बढ़ोत्तरी की रिपोर्टस को देखकर अत्यंत निराशा हुई. अखबार की रिपोर्टस तथ्यों से बिलकुल विपरीत है. टाटा स्टील ने बताया है कि ऐसा प्रतीत होता है कि खबर के विषय वस्तु को हाल में जारी वित्तीय वर्ष 2019-2020 की एकीकतृ रिपोर्टस से जोड़कर देखा गया है. आप यह बात मानेंगे कि एकीकृत रिपोर्टस का आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष से संबंधित है और इसलिए, वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इसकी कोई प्रासंगिकता नहीं है.
तथ्य इस प्रकार हैं :
- कई मोरचे में टाटा स्टील तथा स्टील उद्योग के लिए वित्तीय वर्ष 2019-2020 एक चुनौतीपूर्ण
वर्ष था और कंपनी की आय को प्रतिकूल तरीके से प्रभावित किया था. - नरम प्रदर्शन के मद्देनजर और वर्तमान कोविड-19 स्थिति को देखते हुए वित्तीय वर्ष 2020-2021 में पूरी कंपनी में अधिकारियों का वेतन पुनरीक्षण या संशोधन नहीं किया गया है. यही नहीं, किसी अधिकारी को कोई इंक्रीमेंट नहीं दिया गया है. अनुमान से कमतर प्रदर्शन को देखते हुए बोनस भी बहुत कम है,
- उपयुक्त तथ्य सीइओ व एमडी और इडी व सीएफओ पर भी लागू होता है, जिन्हें वित्तीय वर्ष 2020-2021 में कोई इंक्रीमेंट नहीं मिला है और इन्होंने वित्तीय वर्ष 2020-2021 के नतीजों के आलोक में बहुत कम बोनस अर्जित किया है.
क्या है दो करोड़ बढ़ोत्तरी का मामला :
दरअसल, टाटा स्टील का जो वार्षिक आमसभा के पहले वार्षिक रिपोर्ट जारी की जाती है. इस रिपोर्ट में यह शेयरधारकों को बताया जाता है कि किस मद में कितना उत्पादन, कितना खर्च और कंपनी कहां खड़ी है. इसी में एमडी समेत तमाम डायरेक्टर समेत तमाम स्तर के वरीय अधिकारियों का वेतनमान भी जारी किया जाता है. यह वित्तीय वर्ष 2019-2020 को वार्षिक रिपोर्ट इस वर्ष भी जारी किया गया, जिसमें वेतन की बढ़ोत्तरी का जिक्र किया गया है, जो करीब दो करोड़ है, लेकिन यह चालू वित्तीय वर्ष 2020-2021 का नहीं है बल्कि 2019-2020 में यह बढ़ोत्तरी की गयी थी जबकि चालू वित्तीय वर्ष यानी 2020-2021 में एमडी सह सीइओ समेत किसी भी वरीय अधिकारी का इंक्रीमेंट इस साल नहीं किया गया है क्योंकि कोरोना के कारण कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ा है.




