जमशेदपुर : टाटा स्टील में वेज रिवीजन को लेकर पहले ओल्ड सीरीज के कर्मचारियों का एमजीबी तय होगा, उसके बाद न्यू सीरीज के कर्मचारियों का एमजीबी समेत तमाम चीजों पर फैसला लिया जायेगा. इसकी जानकारी टाटा वर्कर्स यूनियन के डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह ने दी. श्री सिंह ने यूनियन के कांफ्रेंस हॉल में उपाध्यक्ष, सहायक सचिव और कोषाध्यक्ष को तमाम जानकारी साझा की. अध्यक्ष संजीव चौधरी और महासचिव सतीश सिंह की गैर मौजूदगी में डिप्टी प्रेसिडेंट ने सारे पदाधिकारियों को बताया कि कहां तक वेज रिवीजन समझौता को लेकर वार्ता चल रही है. पदाधिकारियों ने उनको रोका और जानकारी मांगी, जिसके बाद यह बताया गया कि टाटा स्टील में 7.5 फीसदी से एमजीबी पर बात आगे नहीं बढ़ रही है. (नीचे भी पढ़ें)
7.5 फीसदी एमजीबी टाटा स्टील के ओल्ड सीरीज को बढ़ाने की बात कही गयी है, लेकिन इसको बढ़ाना चाहते है. 8 साल तक का समझौता करने का दबाव मैनेजमेंट दे रही है. इस पर बातचीत हो रही है. ओल्ड सीरीज का जब एमजीबी तय हो जायेगा, उसके बाद न्यू सीरीज का उसी आधार पर एमजीबी तय होगा. फिलहाल, मामला यहीं अटका हुआ है. इस दौरान यूनियन के पदाधिकारियों ने डिप्टी प्रेसिडेंट को सलाह दी कि वेज रिवीजन किसी भी हाल में बेहतर ही किया जाये ताकि भविष्य में कर्मचारी बेहतर तरीके से काम कर सके.








