जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों के लंबित वेज रिवीजन समझौता को लेकर चल रही बैठक में मैनेजमेंट और यूनियन के बीच तल्खी और बढ़ गयी. हालात यह हुआ कि टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु के सब्र का बांध टूट गया और मीटिंग से यह कहते हुए बाहर निकल गये कि जब मीटिंग में एकतरफा ही बात करना है तो लाइये मैनेजमेंट जो प्रस्ताव दे रहा है तो उस पर ही साइन कर देते है. उसके बाद वे मीटिंग से बाहर निकल गये. उनके इस तेवर से मैनेजमेंट के अधिकारी भी हक्के बक्के रह गये. कोई जब तक कुछ समझ पाता, उन्होंने महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह से पूछा कि आप लोग क्या चाहते है इस पर ही साइन कर दिया जाये. फिर तीनों अधिकारी बाहर निकल गये और सीधे यूनियन आ गये, जहां काफी संख्या में कमेटी मेंबर पहुंच गये. बताया जाता है कि टाटा स्टील के कर्मचारियों के वेज रिवीजन समझौता को लेकर लगातार वार्ता हो रही थी. शुक्रवार की सुबह फिर से टाटा स्टील के सीएचआरओ जुबिन पालिया के स्तर पर टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह वार्ता कर रहे थे. (नीचे भी पढ़ें)
इस वार्ता के दौरान लगातार मैनेजमेंट की ओर से कहा जा रहा था कि 7.5 फीसदी एमजीबी पर बात की जाये और अगर उससे आगे बढ़ना है तो फिर 8 साल का समझौता करें. अगर सात साल का समझौता करना है तो 7.5 फीसदी एमजीबी ही दिया जा सकता है. यह स्थिति पिछले तीन दिनों से है. मैनेजमेंट के अधिकारी इससे हट नहीं रहे थे. लिहाजा, शुक्रवार को टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु का सब्र टूट गया और वे मीटिंग के बीच में ही उठ गये और कहा कि लाइये साइन कर देते है, जो बोलते है, जब आपसी बातचीत का रास्ता ही नहीं निकालना है और एकतरफा ही बात करना है तो फिर बातचीत क्यों किया जा रहा है. इसके बाद वे खुद बाहर निकलने लगे और महामंत्री और डिप्टी प्रेसिडेंट को लेकर बाहर निकल गये. इसके बाद से मैनेजमेंट अब सकते में आ गयी है. अब इस मामले में आगे क्या मोड़ आता है, यह देखने वाली बात होगी.





