जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों के वेज रिवीजन को लेकर मंथन का दौर चल रहा है. इस कड़ी में टाटा वर्कर्स यूनियन के कमेटी मेंबरों ने समझौता को गलत करार दिया है और विरोध भी किया है. जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित एसएनटीआइ ऑडिटोरियम में जब कमेटी मेंबरों को ब्रीफ करने के लिए अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु आये तो कमेटी मेंबरों ने टोंटिंग की. हूटिंग की और विरोध भी किया. एसएनटीआइ के सभागार में आयोजित ग्रेड ब्रीफिंग कार्यक्रम के दौरान उस समय एक अप्रत्याशित स्थिति उत्पन्न हो गई. जब टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष कर्मचारियों को प्रस्तावित ग्रेड रिवीजन की जानकारी दे रहे थे. इसी दौरान हॉल में उपस्थित सिक्योरिटी विभाग के कमेटी मेंबर रूपेश पांडेय अचानक खड़े हो गए और व्यक्तिगत तथा व्यंग्यात्मक लहजे में ताली बजाते हुए कहा, “वाह-वाह अध्यक्ष जी, बहुत बढ़िया ग्रेड रिवीजन किए हैं.” इसके बाद वे कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर सभागार से बाहर निकल गए. उनके साथ लगभग 10 से 15 अन्य कमेटी मेंबर भी हॉल से बाहर चले गए. उस समय टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष अभी ग्रेड समझाने और कर्मचारियों को पूरी जानकारी देने की प्रक्रिया में ही थे. इस घटना ने उपस्थित कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय पैदा कर दिया क्योंकि ब्रीफिंग अभी पूरी भी नहीं हुई थी और उसके पहले ही कुछ प्रतिनिधियों द्वारा इस प्रकार की प्रतिक्रिया दी गई. दूसरी ओर, कई कमेटी मेंबरों ने इस समझौता को महज आइवाश और ठगने वाला बताया है. (नीचे भी पढ़ें)
एनएस ग्रेड के कर्मचारियों को ठगा गया, ओल्ड सीरीज को भी नुकसान : अरविंद पांडेय
टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय ने कहा कि यूनियन नेतृत्व ने काफी नुकसान पहुंचाया है. एनएस ग्रेड को सिर्फ ठगा गया है. स्टील वेज यानी ओल्ड सीरीज को नुकसान कराकर भी यूनियन नेतृत्व एनएस ग्रेड के कर्मचारियों को लाभ नहीं पहुंचा पायी. उनको ठगा गया है. कर्मचािरयों को बेवकूफ बनाया गया है. (नीचे भी पढ़ें)
अफसोसजनक समझौता : समरेश
पिलेट प्लांट के पूर्व कमेटी मेंबर समरेश सिंह ने कहा है कि बड़े अफ़सोस की बात है कि न्यू सीरीज का एकमुस्त वोट पाकर पिलेट प्लांट से पांचवी बार चुनाव जीतने वाले यूनियन के उपाध्यक्ष संजय सिंह न्यू सीरीज के बेहतरी के लिए कहीं भी संघर्ष करते नज़र नहीं आये. आश्चर्य की बात है कि पहली बार टाटा वर्कर्स यूनियन अपने कर्मचारियों को बेसिक, डीए का भी पूरा एरियर राशि नहीं दिला पायी जबकि हमारे ही कंपनी के टिनप्लेट डिवीज़न में बेसिक, डीए के साथ साथ सारे एलाउंस का भी एरियर मिला है. आने वाले समय में अब यें आकलन मजदूरों को करना है कि उन्हें क्या मिला है और क्या मिलना चाहिए था. (नीचे भी पढ़ें)
निराशाजनक समझौता : संतोष पांडेय
सिंटर प्लांट के कमेटी मेंबर संतोष पांडेय ने कहा है कि इतिहास में शायद पहली बार ऐसा ग्रेड रिवीजन देखने को मिल रहा है, जिसमें कर्मचारियों की उम्मीदों से अधिक निराशा हाथ लगी है. इससे घटिया वेतन समझौता नहीं हो सकता था. इससे कर्मचारियों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है. (नीचे भी पढ़ें)
यूनियन नेतृत्व विफल : आरसी झा
कमेटी मेंबर आरसी झा ने कहा कि आज बहुप्रतीक्षित ग्रेड समझौता सम्पन्न हुआ. जैसी उम्मीद थी वैसा समझौता कर पाने में यूनियन के पदाधिकारी विफल रहे. इसका मुख्य कारण सभी पदाधिकारियों का ग्रेड पर फोकस का आभाव एवं आपसी समन्वय और विश्वास की कमी रही. पदाधिकारी ग्रेड से ज्यादा यूनियन के अपने टर्म को बढ़ाने और आपसी राजनीति को साधने में लगे रहे. इसी कारण वे बहुत अच्छा बारगेनिंग नहीं कर सके और आम कर्मचारी खासकर एनएस के कर्मचारियों को निराश किया.







