जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों का वेज रिवीजन समझौता हो गया. समझौता के बाद कुछ लोग इसकी विवेचना कर रहे है तो इसको खराब बता रहे है तो कई लोग इसको लाभकारी बता रहे है. लेकिन इस वेज रिवीजन के पीछे का एक बड़ा संघर्ष भी है. टाटा स्टील का वेज रिवीजन समझौता कुल 49 मीटिंग के बाद हुआ. फरवरी से वार्ता के लिए बैठक शुरू हुई थी. मार्च में अचानक टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु की पत्नी की तबीयत बिगड़ गयी. हार्ट में ब्लॉकेज हो गया. उनकी पहले कोलकाता में सर्जरी हुई. वहां स्थिति क्रिटिकल होने पर गुड़गांव ले जाया गया, जहां वेदांता में इलाज चल रहा है. उनकी स्थिति काफी खराब है. वे सीसीयू में भर्ती हैं. इसके बावजूद वे मार्च से जून तक लगातार अस्पताल और कंपनी आते-जाते रहे ताकि वेज रिवीजन समझौता हो जाये. इस दौरान लोगों ने उनका विरोध भी किया. पत्नी का इलाज करा रहे अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु के खिलाफ बातें हुई, लेकिन वे डिगे नहीं है. (नीचे भी पढ़ें)
वे टिके रहे. एक पैर पत्नी के इलाज के लिए कोलकाता और गुड़गांव में रहा तो दूसरा पैर जमशेदपुर में वेज रिवीजन समझौता को लेकर रहा. इसका जिक्र टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन ने समझौता के टेबुल पर भी किया और इस लीडरशिप क्वालिटी की तारीफ भी की. हालांकि, खुद अध्यक्ष संजीव चौधरी ने कहा कि उन्होंने अपने सामर्थ्य, बुद्धि, विवेक और सभी साथियों के सहयोग से बेहतर समझौता किया है. कंपनी प्रबंधन लगातार दबाव दे रही थी कि कंपनी को बचाने के लिए पीएमएस लाना होगा, एमजीबी को 7.50 फीसदी किया जाये, 8 साल का समझौता किया जाये, लेकिन हमने इसको दरकिनार किया. हमने 10 फीसदी एमजीबी का रास्ता ओल्ड सीरीज के कर्मचारियों के लिए खोला और 12.75 फीसदी एनएस ग्रेड का एमजीबी हो पाया है. कई सारे बेनीफिट भी हुए है. कर्मचारियों का सम्मानजनक बढ़ोत्तरी हुआ है. वैसे हमेशा कमी रह जाती है, पैसे हर किसी को ज्यादा दिलाने की कोशिश होती है, लेकिन वार्ता के टेबुल पर जब कोई व्यक्ति होता है तो कंपनी को बचाने के साथ कर्मचारियों का हित भी सोचना होता है. उन दोनों को बैलेंस करने के बाद हमने समझौता किया है और सारे पदाधिकारियों ने खुले मन से इस समझौता पर हस्ताक्षर किया है. (नीचे भी पढ़ें)
ऐतिहासिक रहा वेज रिवीजन समझौता :
कई कंपनियों के अध्यक्ष और मजदूर नेता और झारखंड प्रदेश इंटक के अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने वेज रिवीजन समझौता को ऐतिहासिक बताया है. श्री पांडेय ने कहा है कि टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी उर्फ टुन्नू चौधरी, महासचिव सतीश कुमार सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश कुमार सिंह को टाटा स्टील जमशेदपुर के श्रमिकों के लिए उत्कृष्ट वेतन संशोधन समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए हार्दिक बधाई. यह टुन्नू चौधरी और उनकी टीम द्वारा हस्ताक्षरित एक ऐतिहासिक समझौता है. मैं इस ऐतिहासिक समझौते के लिए टाटा स्टील प्रबंधन को भी धन्यवाद देता हूं. मुझे विश्वास है कि टाटा वर्कर्स यूनियन के सभी पदाधिकारी और कार्यकारी समिति के सदस्य कंपनी के भविष्य के विकास के लिए पूरा सहयोग देंगे.







