
जमशेदपुर : नए वित्तीय वर्ष 2022-2023 शुरू होने जा रहा है. टाटा स्टील ने नए वित्तीय वर्ष का अपने तरीके से स्वागत किया. टाटा स्टील का मुख्य कार्यक्रम टाटा स्टील के जमशेदपुर वर्क्स लॉन में हुआ. टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन ने यहां केक काटकर नए वित्तीय वर्ष का स्वागत किया. इस दौरान केक काटने में टाटा वर्कर्स यूनियन के डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह और टाटा स्टील के वाईस प्रेसिडेंट उत्तम सिंह भी मौजूद थे. इस दौरान अपने संबोधन में टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन ने बताया कि कंपनी के लिए यह वित्तीय वर्ष काफी फायदेमंद साबित हुआ है. 19 मिलियन टन स्टील का उत्पादन करने में सफलता पाई है, जिसमे कलिंगानगर प्लांट से 3.45 मिलियन टन का उत्पादन किया. एक लाख टन का प्रवेश डोर का कारोबार कंपनी ने की है. जमशेदपुर में रिकॉर्ड 10.2 मिलियन टन स्टील का उत्पादन हुआ है. कंपनी में 41 ट्रांसजेंडर लोगो को बहाल किया है. सीआरसी वेस्ट में बहाली हुई है. न्यू बार मिल में 8 साल तक इंजुरी फ्री रहा है. सीआरएम बारा में 6 साल से एक भी इंजुरी नही हुई है. टाटा स्टील के लिए बीता वित्तीय वर्ष 2021-2022 काफी बेहतर साबित हुआ है. नीलांचल इस्पात, केरामैट मिनरल लिमिटेड समेत अन्य कंपनियों का टेकओवर करने में सफलता पाई है. टाटा स्टील ने कोरोना में काफी बेहतर काम किया है. टाटा स्टील ने 80 हजार टन ऑक्सिजन की आपूर्ति पूरे देश मे कर अपनी देशसेवा की है. वैसे टाटा स्टील के एमडी ने अपने भाषण ओर फोकस किया कि उत्कृष्टता, निष्पादन और चपलता पर फोकस रखकर सबको काम करना चाहिए. उन्होंने बताया कि बीते वित्तीय वर्ष में टाटा स्टील के नीदरलैंड प्लांट का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा है. कोयला का रेट लगभग दोगुना हो गया है जिस कारण कंपनी को रेट में बढ़ोतरी करना पड़ा है. उन्होंने कहा कि डिजिटल और नई खोज पर फोकस बरकरार रखते हुए काम करना है. उन्होंने बताया कि अफसोस है कि टाटा स्टील में तीन मौत बीते वित्तीय वर्ष में हुई है जिसको ज़ीरो करने पर काम करना होगा. कंपनी के बेहतर भविष्य के लिए मुश्किल दिनों और समय का कैसे मुकाबला करना है, इसके लिए बेहतर रिस्क मैनेजमेंट करने की जरूरत है और कंपनी के हर वर्ग के लोगो को भविष्य को देखते हुए फैसला लेना होगा. उन्होंने अधिकारियों को भी एक तरह से चेताया कि एक निचले स्तर के कर्मचारियों के साथ साथ अधिकारियों को भी बेहतर परफॉर्मेंस करना होगा और 360 डिग्री पर फोकस रखते हुए काम करना होगा ताकि सभी का मोनिटरिंग हो सके यानी एक अधिकारी का निचले स्तर का अधिकारी और कर्मचारी भी मोनिटरिंग कर सकता है, ऐसी व्यवस्था खड़ी करने की जरूरत है.





