चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले के मंझारा थाना की पुलिस ने थाना क्षेत्र के बड़ा तोरला निवासी कुनी कुई (68) एवं उसकी पुत्री नामसी बिरुआ (27) की विगत दिनों हुई हत्या के मामले का खुलासा करते हुए हत्याकांड के कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. (नीचे भी पढ़ें)

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विगत 27 अक्टूबर को मंझारी थाना को गुप्त सूचना मिली थी कि मंझारी थाना क्षेत्र के बड़ा तोरला गांव के टोपासाई टोला की कुनी कुई एवं उसकी बेटी नामसी बिरुआ घर से गायब हैं. बताया गया कि उनकी जमीन विवाद को लेकर उन्हीं के खानदान के 13 लोगों ने मिल कर हत्या करने के बाद साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को तोरलो जंगल में जलाकर दफना दिया गया है. इस सूचना के आधार पर थाना प्रभारी दिलीप साय मांझी ने स्वयं के फर्दबयान पर मामला दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया. घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी की ओर से गठित एसआइटी ने तकनीकी पहलुओं एवं एवं मानवीय सूचना के आधार पर मामले के प्राथमिकी अभियुक्त यदुनाथ बिरुआ उर्फ यादू (31वर्ष), लादुरा बिरुआ (50वर्ष), राजाराम बिरुआ (34वर्ष), चेदरे बिरुआ उर्फ चन्द्र बिरुआ, माहती बिरुआ (35वर्ष), दुई कोडांकेल उर्फ लखन कोडांकेल (32वर्ष), त्रिभुवन बिरुआ (36वर्ष) से गहन पूछताछ व अपराध स्वीकारोक्ति बयान लिया, जिसमें इन सभी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बयान दिया. (नीचे भी पढ़ें)
इसके बाद दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त मंझारी अंचलाधिकारी की उपस्थिति में उन सभी की निशानदेही पर तोरलो जंगल में दावबुरू पहाड़ स्थित गुफा के अंदर से कुनी कुई एवं उसकी बेटी नामसी बिरुआ के दफन किए गए जले शव के अवशेष (हड्डी) बरामद किये गए. इसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. उल्लेखनीय यह है कि अबतक के अनुसंधान में यह तथ्य भी प्रकाश में आया है कि गिरफ्तार अभियुक्त यदुनाथ बिरुआ से जून-जुलाई-2026 में खेत का आर काटने को लेकर मृतका कुनी कुई की काफी लड़ाई हुई थी. कुनी के पहले पति, पुरुस्त बिरुआ उर्फ पुरुषोत्तम बिरुवा का बेटा त्रिभुवन बिरुआ है. कुनी कुई दूसरी शादी यदुनाथ के चाचा रासिका बिरुआ से की थी. कुनी के पति रासिका की मृत्यु के बाद से ही त्रिभुवन अपनी मां कुनी और बहन नामसी बिरुआ को घर से भगाने के लिए परेशान करता रहता था. (नीचे भी पढ़ें)
त्रिभुवन बिरुआ ने माहती बिरुआ, बाटे उर्फ राजू नंदनलाल, चन्द्र बिरुआ, दुई कोडांकेल. बुधन बिरुआ, पुण्डुवा कांडे बिरुआ और यदु बिरुआ, राजाराम बिरुआ के जरिये विगत 13 अक्टूबर को शाम 7 बजे कुनी कुई एवं उसकी बेटी नामसी बिरुआ की हत्या करवा कर शव को कंधे पर ढोकर मोटकसाई गांव के दावबुरू पहाड़ स्थित गुफा में शव को लकड़ी और झाड़ी में डीजल छिड़ककर जला दिया एवं अवशेषों को गुफा में ही दफना दिया था. पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है. छापामार दल में चाईबासा सदर अमंडल पुलिस पदाधिकारी बहामन टुटी, मंझारी थाना प्रभारी दिलीप साय मांझी के साथ अनुसंधान कर्ती जितेन्द्र कुमार एवं थाना के अन्य सशस्त्र बल शामिल थे. .












