रामगोपाल जेना,चक्रधरपुर: चक्रधरपुर के पांच मोड़ स्थित प्रसिद्ध भगवान वेंकटेश्वर बालाजी मंदिर में सोमवार की शाम को विधिवत मंत्रोच्चार के साथ 42वां पंचहनिका ब्रह्मोत्सव का शुभारंभ किया गया. पंचाहनिका वार्षिक ब्रह्मोत्सव 23 मई तक आयोजित होगा. 20 मई की सुबह साढ़े नौ बजे सुदर्शन होमम् और शाम साढ़े सात बजे सहस्त्र दीप अलंकार होगा. ब्रह्मोत्सव के शुभारंभ में डीआरएम तरुण हुरिया अपने धर्मपत्नी संग बालाजी मंदिर पहुंचे. जहां पर पंडितों ने मंत्रोच्चार से स्वागत किया. तत्पश्चात डीआरएम बालाजी भगवान का दर्शन किए तथा पूजा में बैठे. जहां पर पंडितों ने मंत्रोच्चार कर पूजा किया और संकल्प दिलाया.(नीचे भी पढ़े)

ब्रह्मोत्सव में दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश, तेलगांना, तमिलनाडु सहित देश के विभिन्न शहरों से भगवान बालाजी के भक्त चक्रधरपुर पहुंचेंगे. तिरुपति से आए पुजारियों का दल पूजा अनुष्ठान को पारंपरिक रुप से वैदिक मंत्रोच्चारण से साथ संपन्न कराएंगे. इसके अलावा तिरुपति से आए रसोईया द्वारा भगवान बालाजी का भोग और प्रसाद बनाएंगे. आंध्रा एसोसिएशन के अध्यक्ष केकेटी राव ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस साल भी धूमधाम से भगवान बालाजी का ब्रह्मोत्सव मनाया जाएगा. इसमें चक्रधरपुर और चाईबासा सहित देश के कोने-कोने से भगवान बालाजी के भक्त पहुंचेंगे.(नीचे भी पढ़े)
बता दें कि चक्रधरपुर बालाजी मंदिर में हर साल यह आयोजन होता है. इस मंदिर से लोगों की गहरी आस्था है. जो लोग तिरुपति नहीं जा पाते उन्हें इस मंदिर में पूजा अर्चना कर काफी सुखद अनुभव होता है. कई श्रद्धालुओं की मन्नतें भी इस मंदिर से पूरी हुई है जिसके कारण इस मंदिर से श्रद्धालुओं का काफी लगाव है. चक्रधरपुर से बाहर बसे लोग भी इस खास आयोजन में साल में एक बार शामिल होने जरुर आते हैं.











