रामगोपाल जेना/चक्रधरपुर : चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन के 100 वर्ष पूरे होने पर प्रस्तावित शताब्दी समारोह को लेकर आदिवासी हो समाज महासभा के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं रेलवे के पूर्व सहायक लेखा पदाधिकारी विजय सिंह सुम्बरूई ने रेल मंडल के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि शताब्दी समारोह मनाने से पहले रेल अधिकारियों को रेल यात्रियों, रेलकर्मियों और स्थानीय लोगों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए. श्री सुम्बरूई ने कहा कि चक्रधरपुर रेल मंडल में ट्रेनों की लेटलतीफी और कई ट्रेनों के बंद होने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने मंडल रेल प्रबंधक से मांग की कि रेल यात्रियों के हित में शीघ्र ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि लोगों को बेहतर यात्री सुविधाएं मिल सकें. (नीचे भी पढ़ें)

श्री सुम्बरूई ने रेलवे स्टेशन पर पार्किंग की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बेहतर पार्किंग सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को अपने वाहन इधर-उधर खड़े करने पड़ते हैं. ऐसी स्थिति में रेल सुरक्षा बल द्वारा उन्हें परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आती हैं. उन्होंने रेल क्षेत्र की जर्जर सड़कों की मरम्मत कराने की मांग करते हुए कहा कि रेल कर्मियों और स्थानीय लोगों के आवागमन वाली कई सड़कों की हालत चिंताजनक है. उनका आरोप है कि अधिकारियों के कार्यालय आने-जाने वाली सड़कों की स्थिति बेहतर है, जबकि आम लोगों के इस्तेमाल वाली सड़कों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है. (नीचे भी पढ़ें)

श्री सुम्बरूई ने अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन के आसपास हुए बदलावों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना के कारण सैकड़ों स्थानीय दुकानदार बेरोजगार हो गए हैं. उनके अनुसार, रेलवे स्टेशन के समीप का इलाका अब पहले की तुलना में सुनसान नजर आता है. उन्होंने कहा कि रात के समय विभिन्न ट्रेनों से उतरने वाले यात्रियों को चाय, नाश्ता और भोजन तक मिलने में परेशानी होती है. देर रात आने वाले यात्रियों में असुरक्षा का माहौल भी बना रहता है. ऐसे में स्टेशन के आसपास यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है. (नीचे भी पढ़ें)
श्री सुम्बरूई ने रेल मंडल प्रबंधन से मांग की कि शताब्दी समारोह की तैयारियों के साथ-साथ यात्रियों की समस्याओं, ट्रेनों के परिचालन, पार्किंग, सड़कों की मरम्मत और स्टेशन के आसपास रोजगार एवं खानपान की सुविधाओं पर भी प्राथमिकता से ध्यान दिया जाए. उन्होंने कहा कि चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन की सौ वर्ष की विरासत का सम्मान तभी सार्थक होगा, जब यात्रियों और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.




