रामगोपाल जेना/चाईबासा : हो भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने और झारखंड में प्रथम राजभाषा घोषित कराने की मांग को लेकर हो समाज के सैकड़ों संघर्षशील लोगों ने जिला मुख्यालय चाईबासा में पदयात्रा निकाली. झींकपानी के जोड़ापोखर आदि संस्कृति एवं विज्ञान संस्थान के अध्यक्ष दामोदर सिंह हांसदा के नेतृत्व में विधिवत् पूजा-अर्चना के बाद निकाली गयी पदयात्रा के दौरान लोगों को आगामी 21 अगस्त को जंतर मंतर पर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की गई. पदयात्रा का रास्ते में विभिन्न संगठनों द्वारा स्वागत भी किया गया. इसमें आदिवासी अधिवक्ता ग्रुप, हो महासभा युवा ग्रुप, हो भाषा में पढ़ाई कर रहे कॉलेज के छात्र-छात्राएं एवं झारखंड पार्टी के युवा जिला अध्यक्ष रेयाश सामड, महिला-पुरुष शामिल रहे. (नीचे भी पढ़ें)
बताते चलें कि 300 किमी की पदयात्रा 31 जुलाई से आरंभ हुई और यह यात्रा जोड़ापोखर, झींकपानी में समाप्त होगी. बताते चलें कि 21 अगस्त को भारत की राजधानी दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर केंद्र सरकार से हो भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की जाएगी. धरना प्रदर्शन में झारखंड, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, असम, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों के लोग शामिल होंगे. इस पदयात्रा में मुख्य रूप से केरा पीड़ के मानकी सिद्धेश्वर सामड, महेंद्र जामुदा, अनंत कुमार हेंब्रोम, नितिन जामुदा, गब्बर सिंह हेंब्रोम, इपील सामड, अधिवक्ता वीर सिंह बुड़िउली, रोशन गगराई, रमेश जेराई, सिरजोन हाइबुरू, बसिल हेंब्रोम सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने शिरकत की.




