रामगोपाल जेना/चक्रधरपुर : चक्रधरपुर पुलिस ने आठ नाबालिगों को गुजरात ले जा रहे दलाल को गिरफ्तार करते हुए उक्त नाबालिगों को बरामद कर लिया है. अब तक मिली जानकारी के अनुसार उन नाबालिगों को झारखंड के साथ ही ओड़िशा के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरात में काम दिलाने का झांसा देकर ले जाया जा रहा था. बताते चलें कि झारखंड के साथ-साथ ओड़िशा के नाबालिगों को भी विभिन्न प्रदेशों में रोजगार दिलाने के नाम पर दलाल नाबालिगों को यहां से बाहर ले जाते हैं. इसके एवज में दलालों को भी मोटी रकम मिलती है. इसका खुलासा आज तब हुआ जब एक दलाल ओडिश और झारखंड के कोल्हान क्षेत्र के आठ नाबालिगों को काम देने के नाम पर गुजरात ले जा रहा था. चक्रधरपुर पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी चंद्रशेखर कुमार की सक्रियता से दलाल को पकड़ने के साथ ही नाबालिगों को भी बरामद कर लिया. पुलिस सभी को थाना ले गई, जहां आवश्यक पूछताछ के बाद चाइल्ड लाइन को इसकी सूचना दी गई. इन लोगों में कई बालिग भी शामिल थे, जिन्हें पूथताछ के बाद थाना से ही घर भेज दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)

उन्होंने बताया कि दलाल इन सभी को डुमरिया से एक सवारी गाड़ी से चक्रधरपुर लेकर आया था और यहीं से सभी को ट्रेन से गुजरात ले जाया जाना था, किन्तु पुलिस की नजर पड़ने और पूछताछ के बाद मामले का खुलासा हुआ. इन लोगों में शामिल बालिगों का कहना है कि वे काम की तलाश में में जा रहे थे. उनका कहना था कि यहां उन्हें काम नही मिलता है. घर में परेशानी है इसीलिए जा रहे थे. दलाल द्वारा ले जाये जा रहे नाबालिग बच्चों में ठुडगा टुडू (16 वर्ष), विक्रम टुडू (17 वर्ष), कालीदास हांसदा (16 वर्ष), पौदम सबर (17 वर्ष), मागू सबर (16 वर्ष), शुरू सबर (14 वर्ष), भगवान दिउरी (17 वर्ष), रामाय बानरा (17 वर्ष) शामिल हैं, जो पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया एवं पोटका के अलावा ओड़िशा के रहने वाले हैं.











