रामगोपाल जेना / चक्रधरपुर : चक्रधरपुर के मारवाड़ी स्कूल मैदान में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का आयोजन 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक होगा।. इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को लेकर सोमवार को राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अशोक सारंगी की अध्यक्षता में बैठक हुई. बैठक का संचालन समाजसेवी दिलीप प्रधान ने किया. चक्रधरपुर समेत बंदगांव और खरसावां प्रखंड के लोग भी मौजूद थे. सभी ने श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का आयोजन को लेकर अपनी अपनी बातें रखी और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए हर संभव सहयोग करने की बात कही. श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह में ओडिशा के प्रसिद्ध कथा वाचक जीतू दास आयेंगे. उन्हीं के द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का वाचन होगा. बैठक में अशोक सारंगी, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष, दिलीप प्रधान, समाजसेवी, प्रो नागेश्वर प्रधान, समाजसेवी समेत भगवती दीक्षित, केदार प्रधान, सत्य प्रकाश कर, कामाख्या प्रसाद साहू, सरोज प्रधान, जयकुमार सिंहदेव, बीरेंद्र सिंहदेव, भगवती प्रधान, चिंतामणि प्रधान समेत गणमान्य लोग मौजूद थे. (नीचे भी पढ़ें)

कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान और शांति प्रदान करना है.
श्रीमद्भगवत कथा का मुख्य बिंदु भगवान कृष्ण की जीवन गाथा: श्रीमद्भगवत कथा में भगवान कृष्ण के जन्म, उनके बचपन, उनके जीवन के महत्वपूर्ण घटनाओं और उनके द्वारा दिए गए ज्ञान और उपदेशों का वर्णन किया गया है.
श्रीमद्भगवत कथा में आध्यात्मिक ज्ञान और जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई है, जैसे कि धर्म, कर्म, और मोक्ष. श्रीमद्भगवत कथा में भगवान कृष्ण के प्रति भक्ति और प्रेम की महत्ता पर जोर दिया गया है और यह बताया गया है कि कैसे भगवान के प्रति प्रेम और भक्ति से जीवन में शांति और सुख प्राप्त किया जा सकता है.
श्रीमद्भगवत कथा का महत्व:
श्रीमद्भगवत कथा का पाठ और श्रवण करने से व्यक्ति का आध्यात्मिक विकास होता है और वह जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझने में सक्षम होता है.
जीवन में शांति और सुख: श्रीमद्भगवत कथा का पाठ और श्रवण करने से व्यक्ति को जीवन में शांति और सुख प्राप्त होता है और वह अपने जीवन के उद्देश्यों को प्राप्त करने में सक्षम होता है.



