रामगोपाल जेना सोनुवा: सोनुवा प्रखंड कार्यालय सभागार में शनिवार को प्रखंड स्तरीय खरीफ कर्मशाला सह केसीसी मेगा शिविर का भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक जगत माझी उपस्थित रहे, जिन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया. उपस्थित किसानों और कृषक मित्रों को संबोधित करते हुए विधायक जगत माझी ने कृषि के प्रति जागरूकता बढ़ाने और पलायन पर अंकुश लगाने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने किसानों को प्रेरित करते हुए कहा दूसरे प्रदेशों में जाकर 12 घंटे की कठिन मजदूरी करने से कहीं बेहतर है कि हम अपने खेतों में रोजाना चार घंटे ईमानदारी से मेहनत करें. यदि हम कृषि और पशुपालन को गंभीरता से अपनाएं, तो किसी को भी अपनी माटी छोड़कर पलायन करने की नौबत नहीं आएगी.विधायक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रखंड की किसी एक पंचायत को चिन्हित कर उसे कृषि के क्षेत्र में ‘मॉडल पंचायत’ के रूप में विकसित करें, ताकि अन्य पंचायतें भी उससे प्रेरणा ले सकें.(नीचे भी पढ़े)

कम बारिश की आशंका, ‘कम पानी, अधिक पैदावार’ का दिया मंत्र:इस वर्ष कम वर्षा होने की संभावना को देखते हुए विधायक ने किसानों को सचेत किया. उन्होंने कहा कि सुखाड़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए हमें ऐसी फसलों और तकनीकों पर ध्यान देना होगा जो कम पानी में भी अच्छी पैदावार दे सकें. इसके साथ ही उन्होंने पशुधन विकास योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि वे जल्द ही जमीनी स्तर पर लाभार्थियों से मुलाकात कर योजना के लाभ और उसके क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में दर्जनों योजनाएं चला रही है, बस जरूरत इस बात की है कि किसान जागरूक होकर इन योजनाओं का लाभ उठाएं और खुद को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएं.(नीचे भी पढ़े)
किसानों की समस्याएं और त्वरित कार्रवाई का भरोसा: कर्मशाला के दौरान कुछ किसानों ने विधायक के सामने अपनी समस्या रखते हुए शिकायत की कि गोलमुंडा लैंपस में धान बेचने के काफी समय बाद भी उन्हें अब तक भुगतान नहीं मिला है. इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए विधायक ने किसानों को लिखित शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी और भरोसा दिलाया कि भुगतान में लापरवाही बरतने वाले दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. किसानों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्य अतिथि विधायक जगत माझी के हाथों कृषि उपकरणों और उन्नत बीजों का वितरण किया गया. इससे पहले, प्रभारी कृषि पदाधिकारी आर्थभंजन प्रधान ने स्वागत भाषण दिया और किसानों को तकनीकी रूप से अलर्ट करते हुए कहा कि मानसून की बारिश शुरू होने से पहले ही वे अपने खेतों की मेड़बंदी कर लें और डोभा, छोटे तालाबों व तालाबों की अच्छी तरह मरम्मत व देखरेख कर लें ताकि जल संरक्षण सही से हो सके. इस मौके पर उप प्रमुख अर्चना महतो, प्रदान संस्था के मनीष कुमार, मानकी मदन मोहन सुंडी, मुखिया जोसेफ मुर्मू, रासमनी माझी, सुप्रिया बोदरा, कृषक मित्र रामप्रेस महतो सहित बड़ी संख्या में स्थानीय किसान उपस्थित थे.







