चाईबासा: 23 सितंबर को मनाए जाने वाले 11वें आयुर्वेद दिवस को लेकर जिला आयुष कार्यालय की ओर से संचालित आयुर्वेदिक जागरूकता रथ को मंगलवार को समाहरणालय परिसर से नागरिक रथ को रवाना किया गया. उपायुक्त मनीष कुमार ने जागरूकता रथ को समाहरणालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा होने के साथ स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की पद्धति भी है. बदलती जीवनशैली के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. ऐसे में नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार, योग और प्राणायाम जैसी स्वस्थ आदतों को दैनिक जीवन में शामिल करना जरूरी है.(नीचे भी पढ़े)
उन्होंने आमजनों से आयुर्वेद के सिद्धांतों को अपनाने और अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की अपील की. कहा कि जिला आयुष कार्यालय का जागरूकता रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को आयुर्वेद, प्राकृतिक स्वास्थ्य पद्धतियों और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करेगा. रथ के माध्यम से संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित दिनचर्या, योग, प्राणायाम और शारीरिक गतिविधियों के महत्व की जानकारी दी जाएगी.







