
जमशेदपुर : टाटा एजुकेशन एक्सीलेंस प्रोग्राम (टीईईपी) ने टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (टीएसएएफ) के साथ स्कूल के विद्यार्थियों के लिए ‘पर्वतारोहण-एक चर्चा’ नामक एक वेबिनार का आयोजन किया. माउंट एवरेस्ट पर विजय पाने वाले पूर्व पर्वतारोही कार्यक्रम में वक्ताओं के रूप में आमंत्रित किए गए थे. ‘बेसिक’ और ‘सरल’ मूल्यांकन स्कूलों से कक्षा आठ से 12 के 200 से अधिक विद्यार्थियों ने इस वेबिनार में हिस्सा लिया. स्वर्णलता दलेई और राथू महतो के साथ टीएसएएफ के हेमंत गुप्ता ने सत्र का संचालन किया. उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ने के अपने अनुभवों और अपनी महत्वकांक्षा को पूरा करने में सामना की गई कठिनाइयों को साझा किया. सत्र में पर्वतारोहण के क्षेत्र में कैरियर के अवसरों पर चर्चा की गयी. उन्होंने बताया कि क्लाइंबर, ट्रैक लीडर या रेस्क्यू टीम का एक हिस्सा के रूप में यहां कई कैरियर अवसर हैं. सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने लीडरशिप, टीम बिल्डिंग, प्लानिंग, सेल्फ-डिसिप्लीन और हार्ड वर्क के महत्व को समझा. वक्ताओं ने खेल के क्षेत्र में औपचारिक शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया और दुनिया की अन्य चोटियों को जीतने की अपनी भावी योजनाओं को भी साझा किया. सत्र के अंत में विद्यार्थियों के बीच एक प्रतियोगिता करायी गई, जिसमें उन्हें चित्रों और निबंधों के माध्यम से अपनी लर्निंग को साझा करने को कहा गया. चित्रांकन और निबंध में शीर्ष की दो प्रविष्टियों को पुरस्कार दिया जाएगा. गौरतलब है कि 2003 में शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए स्कूलों में टीईईपी आरंभ किया गया था ताकि प्रतिभागी स्कूल अपने विद्यार्थियों को अधिकतम ‘मूल्य’ प्रदान कर सके और ‘कल की पीढ़ी’ को पोषित करने के लिए उत्कृष्टता की एक संस्कृति सृजित कर सके. स्कूल स्वेच्छा से इस प्रोग्राम में हिस्सा लेते हैं, जो कि एक साल के लिए होता है और शिक्षा उत्कृष्टता परिपक्वता पर उनका मूल्यांकन किया जाता है. वर्तमान में जमशेदपुर और आसपास के 40 से अधिक स्कूलों के साथ यह प्रोग्राम काम कर रहा है. कैरियर के अवसरों पर मार्गदर्शन एक ऐसे क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है, जिस पर विद्यार्थियों को सबसे अधिक सहयोग की जरूरत है.


