
जमशेदपुर : टाटा स्टील ने लगातार अपने विकास की ओर अपने कदम को और तेज किया है. इस कड़ी में टाटा स्टील की कंपनी टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट (टीएसएलपी) ने ओड़िशा के कलिंगानगर में स्थित सरकारी उपक्रम नीलांचल इस्पात निगम लिमिटेड (एनआइएनएल) के अधिग्रहण की ओर अपने कदम बढ़ाये है, जिसको भारत सरकार की डीइनवेस्टमेंट पब्लिक एसेसमेंट मैनेजमेंट (डिआइपीएम) ने टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट की बोली को उचित करार देते हुए 93.71 फीसदी इक्वीटी शेयर देने को मंजूरी दी है. एक मिलियन टन प्रति वर्ष का उत्पादन क्षमता वाले इस कंपनी को पुर्नजीवित करने के लिए अब टाटा स्टील के एमडी ने अपने अधिकारियों पर नकेल कस दिया है. इस कड़ी में कंपनी ने तत्काल कंपनी को चालू कराने के लिए प्रोग्राम मैनेजमेंट ऑफिस (पीएमओ) का गठन कर दिया है, जो कंपनी में तत्काल एक मिलियन टन का उत्पादन शुरू कर देगा. यह फुल टाइम पीएमओ काम करेगा. यह कंपनी के तकनीकी सपोर्ट के अलावा राज्य सरकार, केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर इसको फिर से शुरू करने में जो भी दिक्कतें है, उसको दूर करते हुए तत्काल इसका प्लांट को शुरू करने को कहा गया है. वहां एक्सपर्ट को लाना, बेस्ट प्रैक्टिस का इस्तेमाल करने की हिदायत दी गयी है. इसका लीडर चीफ शेयर्ड सर्विसेज टीएसएम सुधीर कुमार मेहता को बनाया गया है. उनके ही नेतृत्व में यह पीएमओ काम करेगा और कंपनी को चालू करायेगा. कुल 17 सदस्यीय इस कमेटी में हेड ऑपरेशन कलिंगानगर ब्लास्ट फर्नेस बीके नायक, हेड पीएसएम कलिंगानगर बदादा मधुसुधानांचर, हेड रॉ मैटेरियल प्रोक्योरमेंट जगन मोहन राचाकोंडा, हेड ब्लास्ट फर्नेस इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस नागराजा जीएम, मैनेजर लाइजनिंग पीसी बिश्वालस, टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट के सीनियर डिवीजनल हेड प्रभात कुमर तिवारी, सीनियर मैनेजर सिक्यूरिटी कमांड सेंटर कलिंगानगर प्रसन्ना चौधरी, खूदबुंद व जोड़ा के हेड एचआरबीपी प्रशांत कुमार नंदा, हेड बीपीइ ऑपरेशन आइएम सुश्रि पुनिता झा, सीनियर मैनेजर आइटी इंफ्रा संजय कुमार चौधरी, चीफ फाइनांसियल प्लानिंग संजीव कुमार घोष, टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट के हेड सीनियर डिवीजन शर्मिष्ठा चक्रवर्ती, सीनियर मैनेजर आइटी सपोर्ट फील्ड मेंटनेंस श्रीजित घोष, हेड फील्ड मेंटेनेंस कलिंगानगर सुमित घोष, हेड इनबाउंड लॉजिस्टिक सुशांत कुमार त्रिपाठी और चीफ आइ ब्लास्ट फर्नेस विनित रंजन त्रिपाठी को शामिल किया गया है. यह पीएमओ टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट एमडी के अधीन संचालित होगी.







