
जमशेदपुर : टाटा स्टील ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही के लिए अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा की. पिछले वित्तीय वर्ष की इसी तिमाही में दर्ज किए गए 4,011 करोड़ रुपए की तुलना में कंपनी का समेकित कर पश्चात लाभ 139% सालाना बढ़कर 9,598 करोड़ रुपए हो गया. पिछले वित्त वर्ष में 41,935 करोड़ रुपए की तुलना में समेकित राजस्व 60,783 करोड़ रुपए रहा, इस प्रकार सालाना 45% की वृद्धि दर्ज की गई. टाटा स्टील की ओर जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी की तिमाही के दौरान 6,338 करोड़ रुपये का मजबूत समेकित फ्री कैश फ्लो दर्ज किया और चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में 17,376 करोड़ रुपए का कर्ज चुकाया. टाटा स्टील ने तिमाही के दौरान पूंजीगत व्यय पर 2,790 करोड़ रुपए खर्च किए हैं. पिलेट प्लांट और कोल्ड रोल मिल कॉम्प्लेक्स सहित कलिंगानगर वर्क्स में 5 मिलियन टन प्रतिवर्ष का विस्तार जारी है. टाटा स्टील की सहायक कंपनी, टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट्स को नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड के 1 मिलियन टन प्रति वर्ष में 93.71% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए बोली प्रक्रिया का विजेता घोषित किया गया है. कंपनी ने टाटा स्टील बीएसएल का टाटा स्टील के साथ विलय भी कर लिया है. टाटा स्टील के ग्लोबल सीईओ सह एमडी, टीवी नरेंद्रन ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर के कम होने के साथ ही निरंतर आर्थिक सुधार के कारण भारत में स्टील की मांग में सुधार होना शुरू हो गया है. विभिन्न उत्पादों में सुधार के साथ-साथ वित्तीय वर्ष के पहले नौ महीनों में भारत में हमारी स्टील डिलीवरी में 4% की वृद्धि हुई है. हमने चुनिंदा सेगमेंट में मूल्य वृद्धि को बढ़ावा देना जारी रखा है और सेमीकंडक्टर की कमी से प्रभावित होने के बावजूद ऑटो जैसे प्रमुख क्षेत्रों में हमारा प्रदर्शन मजबूत था. हमारे यूरोपीय ऑपरेशन्स ने वसूली में मजबूत सुधार के आधार पर बेहतर प्रदर्शन जारी रखा है. एमडी ने कहा कि हम अपने निर्धारित लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ रहें हैं. हम उत्सर्जन को कम करने के लिए कोल बेड मीथेन गैस को ब्लास्ट फर्नेस में इंजेक्ट करने के लिए परीक्षण करने वाली दुनिया की पहली कंपनी बन गए. पिलेट प्लांट और सीआरएम कॉम्प्लेक्स सहित हमारा 5 मिलियन टन प्रतिवर्ष टाटा स्टील कलिंगानगर के फेज-2 विस्तारीकरण अच्छी तरह से प्रगति कर रहा है. टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट्स को नीलांचल इस्पात निगम लिमिटेड के लिए बोली लगाने वालों में विजेता घोषित किया गया है. यह हमें अपने लांग प्रोडक्ट के पोर्टफोलियो को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने और भारत में बुनियादी ढांचे में वृद्धि और अर्ध शहरी भारत में खुदरा आवास विकास से लाभान्वित करने में सक्षम बनाएगा. हम लाभ प्रदता और नकदी प्रवाह को बढ़ाने के लिए अपने खुदरा ब्रांडों और पैन इंडिया डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का लाभ उठाएंगे. भारत में क्रूड स्टील का उत्पादन तिमाही दर तिमाही 2% और सालाना 4% बढ़कर 4.81 मिलियन टन हो गया. घरेलू डिलीवरी में तिमाही दर तिमाही 2% की वृद्धि हुई. ऑटोमोटिव सेगमेंट में भारत की बिक्री की मात्रा सेमीकंडक्टर की कमी के कारण ऑटो ओईएम उत्पादन में तिमाही दर तिमाही 9% की गिरावट के बावजूद स्थिर बनी रही. टाटा स्टील के कार्यकारी निदेशक और मुख्य वित्तीय अधिकारी कौशिक चटर्जी ने कहा कि टाटा स्टील ने साल दर साल की तरह वित्त वर्ष 22 की तीसरी तिमाही में 64% की एबिटा वृद्धि और कर पश्चात 139% लाभ के साथ मजबूत परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन जारी रखा. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोयले की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि और कार्यशील पूंजी की बढ़ती जरूरतों के बावजूद कंपनी ने तिमाही में मजबूत परिचालन कैश फ्लो बनाये रखा. बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद, राजस्व मोटे तौर पर 60,783 करोड़ रुपये पर स्थिर था, जबकि आदमनी सारे देनदारी के पहले (एबिटा) 15,853 करोड़ रुपये था जो टाटा स्टील स्टैंडअलोन एबिटा मार्जिन के साथ 38% पर रहा जो 26% के मार्जिन पर काम करता है. तिमाही के लिए समेकित कैपेक्स पर हमारा नकद आउटफ्लो 2,790 करोड़ रुपये था, जो नौ महीने के कैपेक्स को 6,416 करोड़ रुपये तक ले गया, जो पहले के मार्गदर्शन में अच्छी तरह से है. टाटा स्टील ने तिमाही के लिए 6,338 करोड़ रुपये का मजबूत फ्री कैश फ्लो उत्पन्न किया जिसका उपयोग कर्ज को कम करने के लिए किया गया था. नीलांचल इस्पात निगम लिमिटेड के अधिग्रहण के लिए टाटा स्टील लांग प्रोडक्ट्स को बोली लगाने वालों में विजेता घोषित किया गया और हम इससे जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. अधिग्रहण को टाटा स्टील द्वारा बड़े पैमाने पर आंतरिक स्रोतों और ब्रिज फंडिंग के संयोजन के माध्यम से वित्तपोषित किया जाएगा. टाटा स्टील अपनी विकास प्राथमिकताओं को पूरा करते हुए अपनी बैलेंस शीट को कम करने के लिए अपनी उद्यम रणनीति पर ध्यान केंद्रित किये हुए है. पहले नौ महीनों के दौरान हमने 17,376 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाया है और दिसंबर के अंत तक हमारा शुद्ध कर्ज 62,869 करोड़ रुपए है. मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के परिणामस्वरूप, हमारा शुद्ध ऋण और नीचे आ गया है और कंपनी की फाइनेंसियल मेट्रिक्स निवेश ग्रेड स्तर पर बनी हुई है. कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए, टाटा स्टील स्टीलमेकिंग के दौरान कोक की खपत को कम करने के लिए कोल बेड मीथेन गैस को ब्लास्ट फर्नेस में इंजेक्ट करने के लिए परीक्षण कर रही है. यह परीक्षण हाइड्रोजन आधारित इंजेक्टर्स के साथ ब्लास्ट फर्नेस के संचालन से सम्बंधित उपयोगी अंतर्दृष्टि भी प्रदान करेगा.




