
नयी दिल्ली/मुंबई : टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन को एक बार फिर से चेयरमैन के पद पर नियुक्त कने को शेयरधारकों ने अपनी मंजूरी दे दी है. टाटा संस (टाटा समूह) के के शेयरधारकों की हुई बैठक में इसके प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी. लगातार दूसरी बार उनको चेयरमैन बनाने की मंजूरी दी गयी. हालांकि, इस बैठक में एकल तौर पर सबसे बड़े शेयरधारकों में से एक शापूरजी पालनजी मिस्त्री का परिवार इस वोटिंग से दूर रहा. सायरस मिस्त्री इसी परिवार से आते है. आपको बता दें कि मिस्त्री परिवार का सबसे ज्यादा शेयर निजी तौर पर 18.4 फीसदी का है. आपको बता दें कि फरवरी माह में टाटा संस के चेयरमैन के तौर पर एन चंद्रशेखरन की पुन: नियुक्ति को बोर्ड ने मंजूरी दी थी और शेयरधारकों से इसकी मंजूरी लेने को कहा था. इसके आधार पर सोमवार को वोटिंग करायी गयी, जिसमें 50 फीसदी से अधिक शेयरधारकों ने एन चंद्रशेखरन को चेयरमैन के पद पर नियुक्त करने की मंजूरी दी. टाटा ट्रस्ट के 66 फीसदी लोगों ने चेयरमैन के तौर पर एन चंद्रशेखरन की नियुक्ति को ही मंजूरी दी. श्री चंद्रशेखरन की यह नियुक्ति पांच साल के लिए यानी फरवरी 2027 तक के लिए मंजूर की गयी है. एन चंद्रशेखरन के साथ ही टाटा समूह में जेपी मोर्गन इंडिया के चेयरमैन लियो पुरी को स्वतंत्र निदेशक के तौर पर नियुक्ति को भी मंजूरी दी गयी. एन चंद्रशेखरन की नियुक्ति टाटा संस के बोर्ड में अक्टूबर 2016 में की गयी थी. इसके बाद 2017 जनवरी में उनको चेयरमैन के पद पर नियुक्त किया गया था, जिसके बाद वे फरवरी 2017 से इसका प्रभार ग्रहण किये थे. इसके बाद उनको पांच साल के लिए चेयरमैन बनाया गया था. श्री चंद्रशेखरन टाटा समूह की बड़ी कंपनी टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा पावर और टीसीएस जैसी कंपनियों के भी चेयरमैन है. चेयरमैन के तौर पर लगातार एन चंद्रशेखरन टाटा समूह को ऊंचाईयों पर ले जा रहे है और नये प्रयोग भी कर रहे है. उनके ही कार्यकाल में टाटा नियो जैसे एप तैयार किये गये है, जिसका जबरदस्त रिस्पांस मिल हा है जबकि एयर इंडिया का अधिग्रहण भी कंपनी ने की है. इस मीटिंग में टाटा समूह की ओर से नियुक्त किये जा रहे गैर शासकीय निदेशक विजय सिंह का विरोध शापुरजी पालनजी मिस्त्री और उनके समूह द्वारा किया गया.














