
जमशेदपुर : टाटा स्टील का भारत में सबसे बेहतर उत्पादन हुआ है. इसके तहत वित्तीय वर्ष 2022-2023 में भारत में 19.8 मिलियन टन का प्रोडक्शन हुआ है जबकि लॉस टाइम इंज्युरी (एलटीआइ) भी घटकर 21 फीसदी पर आ गया है. टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट का उत्पादन 10.6 मिलियन का रिकॉर्ड प्रोडक्शन किया है. यह बातें टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन ने कहीं. श्री नरेंद्रन नये वित्तीय वर्ष की शुरुआत के मौके पर केक कटिंग समारोह को संबोधित कर रहे थे. इससे पहले उन्होंने टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट में स्टीलेनियम हॉल में केक काटकर नये साल का स्वागत किया. उनके साथ टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु समेत अन्य लोग मौजूद थे. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पहली बार ओड़िशा में एनआइएनएल प्लांट ने 0.2 मिलियन टन का प्रोडक्शन किया है जबलकि आइबीएमडी का रेवेन्यू 10 हजार करोड़ को पार कर दिया है. (नीचे भी पढ़ें)
अपने भाषण में टाटा स्टील के एमडी ने कहा कि ग्रीन स्टील की ओर कंपनी को आगे बढ़ना है. इसके लिए कई अहम कदम उठाये जा रहे है. उन्होंने बताया कि सुरक्षित स्टील प्रोडक्शन करना है. इस साल भी चार मौतें टाटा स्टील के विभिन्न प्लांट में हुआ है, जिसको जीरो किया जाना है. ये मौतें कंपनी के लिए असफलता है. उन्होंने बताया कि कंपनी की नीति साफ है कि बेहतर व्यक्ति को बेहतर स्थान पर पदस्थापन किया जाये. उन्होंने बताया कि किस तरह कंपनी को सांगठनिक तौर पर योग्य बनाया जाना है ताकि इंजीनियरिंग और प्रोजेक्ट को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके और इसके जरिये 15 हजार करोड़ से अधिक का प्रोजेक्ट पर काम किया जा सके. उन्होंने कहा कि जो नीतियां बने, वह धरातल पर अंतिम स्थिति तक पहुंचे, यह कोशिश होनी चाहिए.











