
जमशेदपुर : जमशेदपुर की एमजीएम थाना की पुलिस ने 7 सितंबर को थाना क्षेत्र से दो लोगों को पकड़ा जो कि खुद को ब्लॉक (प्रखंड) का अधिकारी का बताकर ठगी कर रहे थे. इसमें से एक अभियुक्त रवि महाली ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने अन्य साथियों के साथ पहले भी ऐसी घटना को अंजाम दिया है. जब पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि 16 सितंबर को वह अपने साथी मिलन भगत उर्फ मिंटू और अभिषेक पातर उर्फ छोटू के साथ जादूगोड़ा के गुंडुरिया गांव गए थे, जहां उन्होंने गांव वालों को बताया कि वे लोग डुमरिया ब्लॉक के कर्मचारी है. वे लोग सभी के खाते को आधार नंबर से लिंक करने आए हैं. उन्होंने अपने साथ बायोमेट्रिक और प्रिंटर मशीन भी रखा हुआ था, जिससे ग्रामीण उनकी बातों में आ गए. उन्होंने गांव वालों से कहा कि आधार लिंक करने से ग्रामीणों को पीएम आवास, राशन कार्ड, शौचालय निर्माण और वृद्धा पेंशन बनवाने में सहूलियत होगी. उन्होंने ग्रामीणों से 73,500 ठगी कर ली. इस मामले में पुलिस ने सरायकेला-खरसावां जिला के राजनगर स्थित मिलन भगत उर्फ मिंटू मुसाबनी निवासी अभिषेक पातर उर्फ छोटू और रवि महाली को जेल भेज दिया है.















