
चाकुलिया : पश्चिम सिंहभूम जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र के झीलरूवा गांव के प्रोजेक्ट विद्यालय परिसर में चक्रधरपुर के मनोहरपुर में पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर नक्सलियों ने मंगलवार की शाम हमला कर दिया. इस घटना में पूर्व विधायक गुरूचरण नायक तो बच गये परंतु उनके दो बॉडीगार्ड को नक्सलियों के हमले में शहीद हो गये. शहीद जवान शंकर नायक के गांव जमशेदपुर के ग्रामीण इलाका चाकुलिया प्रखंड के श्यामसुंदरपुर गांव में है. शहीद जवान की पत्नी सपना नायक, उनके दो बेटे हैं चंदू नायक और जय नायक. शहीद जवान के पिता का नाम आनंद नायक है. उनकी मां का देहांत पहले ही हो चुका है. उनके दो भाई और दो बहन हैं, जिसमें से उनका बड़ा भाई का मानसिक स्थिति खराब है. शहीद जवान परिवार में सबसे छोटे बेटा है. घर में एक ही व्यक्ति की कमाई से परिवार चलता था. झारखंड पुलिस में 12 साल से कार्य कर रहा था और और पूर्व विधायक गुरुचरण नायक के बॉडीगार्ड के रूप में 3 साल से पोस्टेड था. (नीचे देखे पूरी खबर)
उनकी पत्नी को मिले सरकारी नौकरी : पिता
शहीद शंकर नायक के पिता आनंद नायक ने नम आंखों से कहा कि जिस तरह उनके पुत्र नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए है, उससे गर्व है. वही उन्हें घर चलाने की अब चिंता सताने लगी है. कहा कि सरकार शहीद की पत्नी को नौकरी दे ताकी घर का देखभाल हो सके. शंकर नायक की शहीद होने की सूचना पर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और गांव में मातम छाया हुआ है. (नीचे देखे पूरी खबर)

चाकुलिया के लाउबेड़ा निवासी ठाकुर हेम्ब्रम मकर में आने वाला था गांव, शहीद होने की मिली सूचना के बाद गांव में मातम
जमशेदपुर के ग्रामीण इलाका चाकुलिया थाना क्षेत्र के बरडीकानपुर-कालापाथर पंचायत के लाउबेड़ा गांव निवासी ठाकुर हेम्ब्रम (29 उम्र) की झारखंड पुलिस में वर्ष 2012 में हुई थी. उसकी विवाह वर्ष 2014 में अष्टमी हेम्ब्रम से हुई थी. उसकी दो बेटी है. बड़ी बेटी सालगे हेम्ब्रम दिव्यांग है जो ना तो सुन पाती है और ना ही बोल पाती है. छोटी बेटी 2 वर्ष की है जिसका अभी नामकरण भी नही हुआ है. (नीचे देखे पूरी खबर)
शहीद ठाकुर हेम्ब्रम के घर में पिता छाकुराम हेम्ब्रम, मां सालगे हेम्ब्रम, छोटा भाई कुनाराम हेम्ब्रम है. परिजनों ने बताया कि वह विगत 15 दिन पहले ही करमा पूजा में घर आया था और मकर में भी छुट्टी लेकर घर आने की बात कही थी. कहा कि घटना के कुछ घंटे पूर्व शाम 4 बजे वह अपनी पत्नी अष्टमी से दूरभाष पर बात की थी और घर आने की बात कही थी. वह तो घर नही आया परंतु उसकी शहीद होने की सूचना रात तीन बजे मिली. (नीचे देखे पूरी खबर)

सूचना पाकर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और गांव में मातम छाया हुआ है. ठाकुर हेम्ब्रम के रिश्तेदार बड़ा भाई राम चन्द्र हेम्ब्रम ने कहा कि सरकार उसके भाई को शहीद का दर्जा देते हुए उसके भाई को सरकारी नौकरी दे. सूचना पाकर झामुमो के जिला सचिव घनश्याम महतो लाउबेड़ा गांव पहुंचकर शहीद ठाकुर हेम्ब्रम के परिजनों से मिलकर सांत्वना दिया और परिवार के लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी मांग को स्थानीय विधायक रामदास सोरेन और समीर महंती को अवगत कराकर सरकार तक पहुंचाने का काम करेंगे.














