
जमशेदपुर : जमशेदपुर में पूर्व मंत्री और विधायक सरयू राय द्वारा सरकारी जमीन और टाटा लीज के अंतर्गत आने वाली जमीन के अतिक्रमण और जमीन की घेराबंदी करने की जांच शुरू कर दी गयी है. झारखंड के डीजीपी एमवी राव ने डीआइजी राजीव रंजन सिंह को पूरे मामले की जांच का आदेश दिया है. इस जांच के आदेश के बाद डीआइजी ने एक एसआइटी का गठन कर दिया है. इस एसआइटी ने जांच शुरू कर दी है, जिसकी कमान सिटी एसपी सुभाष चंद्र जाट को दी गयी है. डीएसपी हेडक्वार्टर वन पवन कुमार, आजादनगर थाना प्रभारी विष्णु कुमार राउत, बागबेड़ा थाना प्रभारी राजेश कुमार सिंह, सोनारी थाना प्रभारी रेणु गुप्ता, सीतारामडेरा थाना प्रभारी अंजनी कुमार, मानगो थाना प्रभारी मिथलेश कुमार, परसुडीह थाना प्रभारी अजय कुमार, कदमा थाना प्रभारी रंजीत कुमार और बिरसानगर थाना प्रभारी राजेश कुमार झा को एसआइटी का सदस्य बनाया गया है. डीआइजी ने इसकी जांच समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा गया है. सरयू राय ने डीजीपी को जमशेदपुर में टाटा लीज की जमीन की घेराबंदी, अतिक्रमण और खरीद बिक्री से जुड़े मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की थी तो सरकारी जमीन की भी जांच करने को कहा था, जो शहरी इलाके में किया गया है. इसकी जांच शुरू कर दी गयी है. दूसरी ओर, भाजपा के कद्दावर नेता अभय सिंह ने डीआइजी को पत्र लिखा है.
डीआइजी को पत्र लिखकर भाजपा नेता ने कहा है कि जमशेदपुर के पूर्व के विधायक सरयू राय द्वारा यह लिखा गया कि अभय सिंह के परिजनों एवं रघुवर दास के परिजनों द्वारा सरकारी जमीन या टाटा लीज से संबंधित जमीन को अवैध रूप से बंदरबांट कर खरीदे और बेचे है इसकी एसआईटी गठन कर इसकी जांच होनी चाहिए. श्री सिंह ने कहा है कि उन्होंने देखा कि उनकी मांग को स्वीकार करते हुए प्रशासन के द्वारा एसआईटी का गठन कर भी दिया गया है. सरयू राय के इस मांग का अभय सिंह ने स्वागत करते हुए मांग की है कि जितनी जल्दी हो सके दूध का दूध, पानी का पानी हो जाये. आम जनों के बीच भी असलियत का पता चले. उन्होंने आग्रह किया है कि बार-बार मुझ पर (अभय सिंह पर) यह आरोप लगाने वालों का असली चेहरा भी सामने नजर आ जाये. सरयू राय अपने एक अपराधी नेता जो विगत दिनों बिरसानगर में स्वर्गीय प्रकाश यादव हत्याकांड से बचाना चाहते थे वह मृतक हमारे भाजपा के नेता थे. मारने वाला वह हत्यारा इनकी पार्टी के बिरसानगर का संयोजक था. इनको स्थानीय पुलिस को गुमराह करने के लिए एवं उस हत्यारे को बचाने के लिए प्रेस कांफ्रेंस कर सीबीआई जांच तक की डिमांड कर ये हत्याकांड को ठंडा बस्ते में डालना चाहते थे पर पुलिस की मुस्तैदी ने मात्र 24 घंटे के अंदर इनकी पार्टी के नेता को ही पर्दाफाश करने से इनका असली चेहरा जमशेदपुर की जनता ने देखा. इससे बौखलाहट में ये मुझ पर (अभय सिंह) झूठा आरोप लगाकर बदनाम करना चाहते है. उन्होंने दस बिंदूओं का सुझाव दिया है. अभय सिंह ने अपील की है कि दस बिन्दुओ पर जांच की जाये. साथ ही ऐसे नेताओं, पुलिसकर्मियों, वकील, पत्रकार, व्यवसायियों, रिटायर्ड जजो को भी जांच में लाकर पूरे शहर की वास्तविकता को उजागर करें. उन्होंने कहा है कि वे सरयू द्वारा माँग करने वाले सारे बिन्दुओ का स्वागत करते है और साथ मे यह भी मांग करता है कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उनको (सरयू राय को) भी जांच कमिटी में दिया जाये.
ये बिंदू जो उठाये गये :
- आपके द्वारा गठित एसआईटी टीम द्वारा टाटा लीज की अवैध रूप से कब्जा होने वाले सारे लोगों की सूची टाटा लैंड डिपार्टमेंट से प्राप्त कर उसकी सूची प्रकाशित हो. चाहे तो कितने ही बड़े रसूखदार ही क्यो ना हो ?
- एसआईटी टीम द्वारा शहर की जांच हेतु चार भागों में बांट कर अलग-अलग टीम गठित कर सत्यापन कमेटी का गठन हो.
- अंचलाधिकारी से सरकारी जमीन के बंदरबांट करने वाले नेताओ, वकील, पत्रकार, रिटायर्ड पुलिस गजेट अफसर, रिटायर्ड जज की सूची को संलग्न कर अबिलम्ब जांच प्रारम्भ हो.
- एसआईटी जो गठित हुई है उसमें टाटा स्टील लैंड डिपार्टमेंट, अंचल अधिकारी (सीओ), कमिश्नरी टीम जो जमीन की पैमाइश को भी नापे. उसे भी टीम में शामिल की जाए.
- टाटा स्टील एवं आम नागरिकों के बीच शहर के विकास हेतु हुए एकरारनामा जो आज कई बर्षों से लंबित है जिसकी देनदारी आज भी आम व्यक्तियों को नही मिली उसकी जांच और न्याय आप की टीम करे और इसका प्रकाशन हो.
- मानगो, सरजामदा, बिरसानगर में बड़े पैमाने पर जमीन को बड़े नेताओं की शह पर विगत 15 वर्षों के अंदर जबरन सरकारी जमीन को बेचा गया उसके कई सबूत मेरे पास है उसकी जांच की जाए और वह नेता किस दल का कार्यकर्ता था किस नेताओ की पैरवी में यह अवैध धंधा फला फुला.
- साकची के सभी होटलों की जांच की जाए. कौन होटल बिना नक्शा और टाटा लीज की जमीन पर किस आधार पर धंधा चल रहा. आखिर एक अवैध जमीन पर व्यवसायिक इस्तेमाल किस कानून के तहत किया जा रहा.
- पूरे शहर में अवैध रूप से विचलन कर बने और बिल्डर द्वारा केवल एग्रीमेंट कर एक बहुत बड़ी जनता को धोखा दिया गया उसकी जांच कर भी इस पर कारवाई हो.
- पूरा मानगो विगत 2005 के बाद गुंडा, मवालियों का केन्द्र बना रहा. जमीन विवाद में कई बार गोली चालन हुआ. स्थानीय पुलिस और एक बड़े नेता की भूमिका हमेशा पैरवीकार की रही पूरा मानगो रक्तरंजित रहा. इसकी जांच की जाए और जीतने लोंग भी घटना में शामिल रहे उनकी पैरवी एक अपने को स्वयंभू ईमानदार नेता की संलिप्तता की जांच की जाए.
- एक तड़ीपार नेता जो सरकारी जमीन की करोड़ो रूपये मे बेच दिया. उसे किस नेता का उस अपराधी से सम्बंध आज भी है उसकी जांच अवश्य हो.







