
Saraikela : झारंखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में अगर आप आ रहे हैं, तो पहले इन तस्वीरों को आप देख लें, उसके बाद आप तय करें आपको आना चाहिए या नहीं. जी हां यही सूरतेहाल कमोवेश पूरे आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र का इन दिनों बना हुआ है. वैसे मौसम विभाग की अगर मानें तो झारखंड में अगले दो तीन दिनों तक मूसलाधार बारिश की आशंका जतायी जा रही है. ऐसे में तय मानकर चलिए कि अगले एक हफ्ते तक पूरा आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र टापू में तब्दील रहेगा. ऐसे में आप सावधानी बरतें, और बहुत जरूरी हो तभी घरों से बाहर निकले.

वैसे भी कोरोना को लेकर केंद्र और राज्य सरकार का सख्त निर्देश है कि आप कम से कम घरों से बाहर निकले. वैसे भी देश में स्वच्छता सर्वेक्षण का दौर शुरू हो चुका है. लेकिन सर्वे करनेवाली टीम जमीन पर पहुंचकर रिपोर्ट नहीं करेगी, बल्कि ऑनलाइन रिपोर्टिंग होनी है, इसलिए इसकी संभावना कम ही है कि आदित्यपुर नगर निगम के माननीय आपकी समस्याओ को गंभीरता से लेने जा रहे हैं. चलिए अब आपको ये भी बता दें कि आखिर ऐसी स्थिति क्यों बनी है. दरअसल पूरे आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम के साथ पानी की समस्या को दुरुस्त करने के लिए पिछली रघुवर सरकार ने अति महत्वाकांक्षी योजना अमृत योजना के तहत लगभग 650 करोड़ की परियोजना की आधारशिला रखी थी, लेकिन एक साल से अधिक हो चुके हैं और परियोजना अबतक अधर में लटकी पड़ी है. उधर संवेदक द्वारा सभी वार्डों में गड्ढे खोद दिए गए, वहीं गड्ढों को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध शुरू हुआ और संवेदक बोरिया बिस्तर समेट रफू-चक्कर हो गया.

इधर गड्ढों में जलजमाव से ऐसी स्थिति उत्पन्न हो चली है. वैसे यही नहीं जलजमाव के अलावा निगम क्षेत्र की गंदगी देख आप स्वतः आंकलन कर सकते हैं कि आदित्यपुर की जनता वौश्विक महामारी के दौर में कितना महफूज है. वैसे कोरोना संक्रमण की अगर हम बात करें तो अकेले आदित्यपुर नगर निगर क्षेत्र में लगभग आधा दर्जन कंटेनमेंट जोन जिला प्रशासन औऱ स्वास्थ्य विभाग ने बना रखा है, निश्चित तौर पर कोरोना संक्रमण का खतरा यहां हर दिन बढ़ रहा है. वहीं निगम क्षेत्र के अधिकारी से लेकर माननीय तक इस मामले में चुप्पी साध रखे हैं. बहरहाल वर्तमान नगर निगम के कार्यकाल का लगभग साढ़े तीन साल पूरा रहो चुका है. जिसमें बीते पांच महीने तो कोरोना ने ले लिया. बाकी के बचे डेढ़ साल बाद माननीय क्या करते हैं ये तो वक्त ही बताएगा फिलहाल आप चिंता करें, माननीय चिंतन में लगे हैं, क्योंकि अब तो सिंगल इंजन की सरकार है. डबल इंजन ने तो योजना दी थी, आपने अपने हाथों से एक इंजन का चेन पुलिंग कर दिया.








