
सरायकेला : पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी की उपस्थिति में सोमवार को सरायकेला स्थित परिसदन में देर शाम भाजपा नेताओं की एक बैठक हुई. जहां बैठक में बाबूलाल मरांडी ने अपने संबोधन में निकाय चुनाव को जीतने के उपायों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि कोविड के तीसरे लहर को देखते हुए जनसेवा की खातिर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक अभियान का शुभारंभ किया गया है. उसे बूथ स्तर पर सफलतापूर्वक उतारने की आवश्यकता है. साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से निडर होकर सरकार की विफलताओं को जनता के बीच लाने का आह्वान किया. जिलाध्यक्ष बिजय महतो की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मंडल के महामंत्री, मोर्चा के अध्यक्ष, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, पूर्व जिलाध्यक्ष शामिल हुए. बैठक में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष दिनेशानंद गोस्वामी, जिला संगठन प्रभारी जेबी तुबिद, लक्षमण टुडू, रामकुमार पाहन, शिवशंकर उरांव, गणेश माहली, भी मौजूद रहे. जिला के संगठन प्रभारी जेबी तुबिद ने नेता प्रतिपक्ष के समक्ष संगठन का ब्योरा प्रस्तुत किया. साथ ही होने वाले स्थानीय निकाय के चुनाव की तैयारी पर कार्यकर्ताओं को तैयार रहने का आह्वान किया. डॉ दिनेशानंद गोश्वामी ने खराब कानून व्यवस्था, क्षेत्र में ब्राउन शुगर की बिक्री को प्रशासन द्वारा नहीं रोक पाना, एनजीटी की रोक के बावजूद झामुमो के संरक्षण में अवैध बालू कारोबार पर लगाम नहीं लगा पाने जैसे मुद्दों से बाबूलाल मरांडी को अवगत कराया. तत्पश्चात कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने भी सुझाव और समस्याओं से नेता प्रतिपक्ष को अवगत कराया. (नीचे देखे पूरी खबर)

जनजातीय सम्मेलन में सबको साधने की कोशिशें
सरायकेला टाउन हॉल में सोमवार को भाजपा अजजा मोर्चा द्वारा जिला कार्यसमिति की बैठक सह जनजातीय सम्मेलन का आयोजन किया गया. सम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. मरांडी ने अपने संबोधन में कहा, कि राज्य का विकास सिर्फ भाजपा ही कर सकती है. आजादी के बाद अलग राज्य गठन की मांग चल रही थी, मगर उस वक्त झारखंड की नामधारी पार्टियों ने राज्य को बेचने व कांग्रेस ने खरीदने का काम किया. जब भाजपा केंद्र की सत्ता में आयी तो उसने अलग राज्य का गठन किया. उस वक्त भी कांग्रेस ने इसका विरोध किया था. मरांडी ने कहा, कि अलग राज्य का श्रेय झामुमो लेने का प्रयास करती है, जबकि वर्ष 2000 में अलग राज्य बना तो झामुमो सुप्रीमो सांसद भी नहीं थे. उस वक्त मैं दुमका से सांसद था. राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा, कि विगत 19 महीने में राज्य का विकास ठप हो गया है. इस सरकार में सबसे अधिक अत्याचार आदिवासियों पर हुआ है. 2700 से अधिक अनाचार, अत्याचार के मामले हुए हैं. राज्य में आज जो भी काम दिख रहा है वह भाजपा के कार्यकाल में ही हुए हैं, चाहे वह मेरे, अर्जुन मुंडा या रघुवर दास के कार्यकाल में हुए हों. झामुमो ने सत्ता में रहते हुए दिखाने लायक एक भी काम नहीं किया है. केंद्र सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की बात कहते हुए मरांडी ने कहा कि किसानों के लिए पीएम किसान योजना, स्वास्थ्य क्षेत्र में एम्स व मेडिकल कॉलेज भाजपा की देन है. मरांडी ने राज्य सरकार पर विकास के प्रति संवेदनशील नहीं होने की बात कहते हुए कहा, कि जल-नल योजना के लिए केंद्र सरकार की राशि को खर्च नहीं कर पा रही है. जिसके कारण जनता को इसका लाभ नहीं मिल रहा है. राज्य में ट्रांसफर पोस्टिंग उद्योग का रूप ले चुका है. ईमानदार अफसरों को किनारे किया जा रहा है. पैसे से पोस्टिंग हो रही है, इससे भ्रष्टचार को बढ़ावा मिल रहा है. राज्य में आज जमीन भी सुरक्षित नहीं है, जमीन लुटे जा रहे हैं. झामुमो जिस वायदे के साथ सत्ता में पहुंची थी एक भी वादे पर अमल नहीं कर पायी है. उन्होंने 2024 में सत्ता में मदमस्त सरकार को सबक सिखाने की बात कहते हुए राज्य के सभी 28 जनजातीय सीट पर भाजपा प्रत्याशी को जिताने की अपील की. सम्मेलन को अजजा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर उरांव, प्रभारी रामकुमार पाहन, प्रदेश कोषाध्यक्ष गणेश महाली, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय महतो ने भी संबोधित किया. मौके पर पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडु, जेबी तुबिद, मीनाक्षी पट्टनायक, जिलाध्यक्ष संजय सरदार, मनोज चौधरी, जिप अध्यक्ष शकुंतला महाली, रमेश हांसदा, शैलेंद्र सिंह, लालसिंह सोय, बॉबी सिंह के अलावे काफी संख्या में भाजपाई उपस्थित थे. इससे पूर्व नेता प्रतिपक्ष का चौका मोड, कांड्रा मोड, कोर्ट मोड़ व गोपबंधु चौक पर गाजा-बाजा के साथ स्वागत किया गया. मौके पर काफी संख्या में भाजपाई उपस्थित थे.




