
जमशेदपुर : जमशेदपुर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विजय खां और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने शनिवार को संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस की. जमशेदपुर के कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से गुरु नानक जयंती पर शुक्रवार को अचानक की गई घोषणा का किसानों की ओर से गर्मजोशी से स्वागत किया गया, लेकिन हमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी को लेकर कानून बनाए जाने की मांग पूरी होने का अब भी इंतजार है. श्री गुप्ता ने कहा कि किसानों का आंदोलन तत्काल वापस नहीं होगा, हम उस दिन का इंतजार करेंगे जब कृषि कानूनों को संसद में रद्द किया जाएगा. केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के बाद हरसिमरत कौर बादल ने ट्वीट किया था, “मैंने केंद्रीय मंत्री पद से किसान विरोधी अध्यादेशों और बिल के खिलाफ़ इस्तीफा दे दिया है. किसानों की बेटी और बहन के रूप में उनके साथ खड़े होने पर गर्व है.” इस विरोध प्रदर्शन में 750 से अधिक किसानों की मौत हुई है. उनकी शहादत के कारण ही मोदी सरकार को झुकना पड़ा और कृषि कानूनों को निरस्त करना पड़ा. उन्हें शहीद कहा जाना चाहिए और केंद्र को उन्हें एक करोड़ का मुआवजा देना चाहिए. विरोध के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देनी चाहिए. बन्ना गुप्ता ने कहा कि ये ‘आंदोलनजीवी किसानों की जीत है और चुनावजीवी’ मोदी की हार है. विजय खां और स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्र सरकार पर ताबड़ोड़ हमला बोलते हुए कहा कि किसानों के खिलाफ दर्ज ‘झूठी एफआइआर भी तत्काल खारिज होनी चाहिए. लखीमपुर खीरी मामले में आरोपी आशीष मिश्रा के पिता और केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. आंदोलन के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में किसानों की मौत पर प्रधानमंत्री को माफी मांगनी चाहिए थी. वैसे कृषि कानून वापस लेने का सीधा मतलब है कि इनके आंतरिक सर्वे में आगामी चुनावों में बीजेपी की हालत खराब दिख रही थी और उसे ठीक करने के लिए तीनो कृषि कानून वापस लिए जा रहे हैं. बन्ना गुप्ता ने कहा कि तानाशाह चाहे कितना भी कठोर क्यों न हो, लोकतंत्र में उसे लोगों के आगे अंततः झुकना ही पड़ता है . जीत उनकी भी है, जो लौट के घर ना आए… हार उनकी ही है, जो अन्नदाताओं की जान बचा ना पाए.











