
रांची : झारखंड सरकार पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा लगाये गये आरोपों का जवाब झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने दिया है. सुप्रियो भट्टाचार्य ने संवाददाता सम्मेलन कर कहा कि रघुवर दास बेचारे पूरी तरह बेरोजगार हो गये है. वे गलत आरोप लगा रहे है. मुख्यमंत्री की जिस कंपनी और खनन की बात बतायी जा रही है, वह गलत है. उसमें किसी तरह का कोई खनन ही नही हुआ है. चूंकि, उसमें कोई काम नहीं हो रहा है तो उसको सरेंडर ही करना होगा और क्या किया जा सकता है. खनन का कार्य ऐसा तो है नहीं कि बिना जमीन के ही खनन हो जाये. दूसरी ओर, सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि खुद रघुवर दास और उनकी सरकार में इतने भ्रष्टाचार हुए है, जिसकी कलई खुलने जा रही है तो बौखलाहट आ रही है. उनको मालूम होना चाहिए कि मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद पिंटू के नाम जो खदान आवंटित किया गया है, वह खदान का आवंटन की फाइल खनन मंत्री रहते हुए पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने ही हस्ताक्षर किया है. इसके बाद नियम से ही एलॉटमेंट किया गया है. सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि सोहराय सोहराय चिल्लाते चिल्लाते खुद रघुवर दास चुनाव हार गये और अब सत्ता से बाहर हो गये है. उन्होंने कहा कि खुद रघुवर दास ने अपने बेटे की नौकरी टाटा में ली, टाटा मोटर्स में मुख्यमंत्री रहते हुए कई लोगों को नौकरी लगवा दी जबकि कई अस्थायीकर्मियों को अपने नौकरी का इंतजार था. टाटा ब्लूस्कोप, टाटा टिमकेन, टीएसडीपीएल समेत सभी कंपनियों में किस तरह नौकरी लगी है, यह सब कोई जानता है. छत्तीसगढ़ से लोगों को लाकर यहां टाटा में नौकरी रघुवर दास ने दिलवायी, क्या सबसे योग्य रघुवर दास का परिवार और उनके साथी लोग ही थे, जिसको टाटा ने नौकरी दे दी है. अभी गर्मी का मौसम है, जिस तरह संतरा का परत दर परत खुलता है, उसी तरह रघुवर दास का भ्रष्टाचार का कलई खुलता रहेगा. दो साल तो कोरोना में बीत गया और अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को कभी नुकसान पहुंचाने की कोशिश झामुमो ने नहीं की. सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि रघुवर दास मैनहर्ट मामले में दोषी है, उनकी वहीं मैनहर्ट कंपनी राष्ट्रीय खेल घोटाले में है, जिसकी जांच अब सीबीआई ने शुरू की है. जहां मैनहर्ट है, वहां रघुवर दास है. ऐसे में उनकी बौखलाहट आप सहज ही समझ सकते है.






