
चाईबासा : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रशिक्षण कक्ष में शनिवार को जगन्नाथपुर और डांगुवापोसी संकुल स्तरीय संयुक्त उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें परिवारिक, नर्सरी व विधालय शिक्षा तथा बाल अधिकार विषय शामिल थे। इस उन्मुखिकरण में दोनो संकुल के मोंगरा, मालुका, बड़ानन्दा, जगन्नाथपुर, डांगुवापोसी, कलैईया, करंजिया और तोडांगहातु पंचायत के विभिन्न आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, सहिया व बीटीटी आदि शामिल हुए। उन्मुखीकरण का आयोजन एस्पायर संगठन के द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें प्रोजेक्टर पीपीटी प्रजेंटेन्शन के माध्यम से 0-18 वर्ष के सभी बच्चों के सवैधानिक व संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा परिभाषित बाल अधिकारों के बारे जानकारी दी गई। उन्मुखीकरण में बताया गया कि जिस तरह शरीर को दुरुस्त रहने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का बच्चों को नियमित लाभ दिलाना जरूरी है, ठीक उसी तरह मन मष्तिक को स्वास्थ्य रखने की लिए जीवन में शिक्षा का होना महत्वपूर्ण है। बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य व पोषण का अधिकार आंगनबाड़ी व विधालय में मिल रहा है। बावजूद आज भी शून्य से 18 वर्ष के कई बच्चे इन मौलिक अधिकारों से वंचित हो रहे हैं। उन्मुखीकरण में बताया गया कि यदि किसी महिला के गर्भ में शिशु पल रहा है तो उसी संसार में आकर सम्मान के साथ इन अधिकारों के साथ जीवित रहने व जीने का अधिकार है। राज्य में 6-14 वर्ष के सभी बच्चों के लिए शिक्षा अधिकार कानून 2011 से लागू है। बावजूद बच्चे विधालय से दूर है। साथ ही किसी कारणवश उनकी पढ़ाई अधूरी रह रही है। न चाह कर भी गलत परिवेश के कारण बच्चे बाल विवाह और बाल मजदूरी के शिकार हो जाते हैं। पलायन भी क्षेत्र की एक बड़ी समस्या है। उन्मुखीकरण में बताया गया कि बच्चों की प्रथम पाठशाला परिवार है। संस्कारिक शिक्षा यहीं से मिलती है। दूसरी पाठशाला आंगनबाड़ी केंद्र है। जहां अक्षर ज्ञान व अन्य सेवाओं के साथ खेल खेल में शिक्षा दी जाती है। फिर विधालय शिक्षा है। जहां बच्चे का मानसिक, शरीरिक, समाजिक, राजनीतिक, संस्कृतिक आदि शिक्षा मिलती है। ताकि आगे चल कर उन्हे एक सफल इंसान बनने का अवसर मिलता रहे। इसलिए इन तीनों कड़ी से जुड़े लोगों को जागरुक होकर बच्चों के अधिकार को उर्म अनुसार दिलाने की जरूरत है। उन्मुखीकरण में प्रशिक्षक के रुप में एस्पायर के दीपक कुमार, रुपेश सरकार, बिशाल गोप ने भूमिका निभायी। इसमें सीएचसी के बीएएम सह लेखापाल मनोज कुमार, ईच प्रोग्राम की कोडिनेटर चंद्रप्रभा कुमारी, बीटीटी राधा कुमारी, सहिया साथी राखी देवी, रायमुनी सिंकू, गोमा बोबोंगा, रवि गोप, पूनम पुरती, लक्ष्मी कुमारी, निकहत परवीन, रमेश सिंकु सहित अन्य उपस्थित थे। उन्मुखिकरण का संचालन रायमुनी सिंकु व धन्यवाद ज्ञापन निकहत परवीन ने किया।







