
चाईबासा : कोरोना वाइरस संक्रमण के मद्देनजर चाईबासा सरहुल पूजा समिति ने इस बार 27 मार्च को सरहुल शोभायात्रा नहीं निकालने का निर्णय लिया है। वहीं सभी उरांव अखाड़ों के पूजा स्थल में सरहुल पूजा-अर्चना तक ही सीमित रखा जाएगा। यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से सरहुल पूजा समिति की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मंगल खालखो ने किया। इसके अलावा चाईबासा सरहुल पूजा समिति ने कोरोना वाइरस संक्रमण से बचाव को लेकर जागरूकता फैलाने का भी निर्णय लिया है। इस बाबत सभी उरांव अखाड़ों के मुखियाओं को अपने मुहल्ले, गांव, टोला में जागरूकता फैलाने के साथ नजर रखने को कहा गया है। सरहुल पर्व त्यौहार के दौरान भी संक्रमण को लेकर एहतियात बरतने को कहा गया है।
बैठक में उरांव समाज क्षेत्रीय कमेटी के अध्यक्ष संचु तिर्की और नगर परिषद उपाध्यक्ष डोमा मिंज ने बताया कि विश्व के साथ हमारा देश भी कैरोना वाइरस से जूझ रहा है। ऐसी गंभीर स्थिति को देखते हुए सरहुल पूजा समिति ने सभी से विचार विमर्श कर सरहुल शोभायात्रा स्थगित रखने का फैसला लिया है। सचिव अनिल लकड़ा ने कहा कि प्रकृति पर्व सरहुल शोभायात्रा आदिवासी उरांव समुदाय की कला, संस्कृति के साथ एकजुटता की पहचान है। इसलिए आपदा समाप्ति के बाद सरहुल शोभायात्रा निकाली जाएगी।
श्री लकड़ा ने कहा कि झारखंड के सभी जिलों के सरहुल पूजा समितियों के साथ बाद में एक तिथि निर्धारित कर सरहुल शोभायात्रा निकालने पर विमर्श किया जाएगा। वहीं कोरोना के मद्देनजर जहां जरुरत होगी, उरांव समाज प्रशासन को भी मदद को तत्पर रहेगी।
कोरोना से फीका पड़ा सरहुल
जानकारी हो कि इससे पूर्व वर्षों में श्रद्धा, सद्भावना व हर्षोल्लास के साथ सरहुल पूजा के साथ शोभायात्रा भी उरांव समुदाय द्वारा चाईबासा में निकलती थी। कोरोना के कारण सरहुल फीकी नजर है, लेकिन पूजा अर्चना और भक्ति भाव का में किसी तरह की कमी नहीं होगी। शहर, मुहल्लो के चौक चौराहों को सरना झंडा से सजाया जाएगा।
बैठक में निर्मला लकड़ा, लक्ष्मी कच्छप, सावित्री कच्छप, विश्वकर्मा टोप्पो, कर्मा लकड़ा, भगवान दास तिर्की, संचु तिर्की, कंदरु टोप्पो, वीरेंद्र उरांव, दुर्गा खालखो, तेजो कच्छप, बबलू कच्छप, गामा बरहा, दुर्गा कुजूर, उपदेश लकड़ा, तेजो तिर्की, लालू कुजूर, रमेश कुजूर, दिलीप बरहा, भीमा मिंज समेत समाज के महिला पुरूष उपस्थित थे।







